छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी संघ के गणवेश में।

भाजपा में कोई कितना भी बड़े पद पर पहुंच जाए मगर वो जब तक संघ में उपस्थित होकर वहां नहीं दिखता तब तक उसे पक्का भाजपाई नहीं माना जाता है।

हम आपको जो तस्वीर दे रहे हैं वो राज्य के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी की है जो बकायदा संघ यानि RSS के कार्यक्रम में दिख रहे हैं और समर्पित होकर कार्यक्रम में भाग भी ले रहे हैं।

ओ पी चौधरी ने आई ए एस की नौकरी छोड़ी थी। उन्होंने कलेक्टर के पद पर भी ज़िलों की कमान संभाली थी और उन्हें एक युवा आई ए एस के तौर पर जाना जाता था लेकिन अचानक उन्होंने राजनीति में आने का फैसला कर सबको चौंका दिया था।2018 के विधान सभा चुनाव के पूर्व नौकरी और बड़े पद को छोड़ भाजपा में आने वाले ओ पी चौधरी को भाजपा ने टिकट दी लेकिन खरसिया में वो स्वर्गीय नंद कुमार पटेल के बेटे से चुनाव हार गए और इस बार रायगढ़ से टिकट मिली और जीत का परचम फहराया।

अब भाजपा में बड़े मंत्री के तौर पर उन्होंने कार्यभार संभाला है साथ ही RSS के कार्यक्रम में भाग लेकर वो कुछ और संकेत भी दे रहे हैं ऐसा कुछ का मानना है।

हालांकि भाजपा नेताओं का संघ की शरण में जाना एक परंपरा रही है लेकिन हर तस्वीर के भी अपने मायने होते हैं खासकर छत्तीसगढ़ में जिस तरह से विष्णु देव साय की सरकार चल रही है उससे आमजन खुश नहीं हैं ऐसे में राज्य में कई तरह की चर्चाओं का बाज़ार भी गर्म है।

आलोक शुक्ल,पहल।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।