आमजन के तिरंगे फहराने के अधिकार को लेकर सबसे पहले पहल करके चर्चित हुए उद्योगपति नवीन जिंदल को 5 मिलियन ब्रिटिश पाउंड यानी 50 करोड़ रुपये 48 घंटे में नहीं देने पर जान से मारने का धमकी भरा खत मिलने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। खास बात यह है कि डाक से मिले लिफाफे को किसी और ने नहीं, बल्कि सेंट्रल जेल बिलासपुर के एक कैदी ने भेजा है। कोतरा रोड पुलिस ने मुल्जिम के खिलाफ मुकदमा पंजीबद्ध किया है।
बिलासपुर सेंट्रल जेल का कैदी है धमकी देने वाला शख्‍स।

युवा उद्योगपति रहते हुए नवीन जिंदल ने आमजन के लिए तिरंगा फहराए जाने को लेकर शुरुआत की थी।इनके कोट में भी तिरंगे का बैच आप देख सकते हैं।

उद्योगपति नवीन जिंदल को 50 करोड़ रुपये नहीं मिलने के बदले मारने की धमकी भरा खत भेजने वाले ने अपना नाम बिलासपुर सेंट्रल जेल के कैदी नंबर 4563-97 आई. जुनार राजेन्द्र नगर बिलासपुर निवासी बताया है।
जेएसपीएल प्रबंधन ने बेहद संजीदगी से लेते हुए इसकी शिकायत कोतरा रोड थाने में कराई है। फिलहाल, जेएसपीएल के महाप्रबंधक सुधीर रॉय की रिपोर्ट पर पुलिस भादंवि की धारा 386, 506 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।