एंसरगुजा जिले के माँ महामाया अंबिकापुर एयरपोर्ट को डीजीसीए की मंजूरी मिलने के बाद सरगुजा संभाग के लोग अब शीघ्र ही उड़ान भर सकेंगे!

आज जिला प्रशासन के द्वारा एअरपोर्ट में आभार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस दौरान अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, कलेक्टर विलास भोस्कर सहित आम लोग मौजूद रहे। इधर जिले के कलेक्टर ने कहा कि 1950 में इस एयर रस्ट्रीप की शुरुआत हुई थी। लेकिन अब डीजीसीए के द्वारा पूर्णतः इस एअरपोर्ट को लाइसेंस मिल गया है जिससे ये सरगुजा संभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है!

वहीं लोक निर्माण विभाग के ई ई वीरेंद्र सिंह बेदिया ने पहल को बताया कि ” इस एयरपोर्ट का रनवे काफ़ी अच्छा है ये बात यहाँ विमान उतार चुके पायलट स्वयं कह चुके हैं! मोदी की घरेलू उड़ान योजना के तहत विकसित हुए इस एयरपोर्ट की खासियत मात्र 47 करोड़ रूपये में ये पूरा एयरपोर्ट निर्मित हुआ है!विमान कंपनी टेंडर के बाद रूचि लेंगी जिससे जल्दी ही सरगुजावासी इस खूबसूरत विमान तल से हवाई सफ़र कर सकेंगे!”

सरगुजा के विधायक प्रबोध मिंज और राजेश अग्रवाल आज दरिमा में आभार प्रदर्शन कार्यक्रम में मौजूद रहे!लेकिन सरगुजा के मुख्य कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री और अब सिर्फ विधायक रहीं रेणुका सिंह की लगातार अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।