मासूम बच्चे की असमय मौत ने राज्य के नामी सैनिक स्कूल के कुप्रबंधन को उजागर किया है।
एक होनहार बच्चे की मौत से परिजन समेत सारा शहर स्तब्ध हैं ।

सरगुजा..

सैनिक स्कूल अंबिकापुर में अध्ययनरत छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से सारा शहर स्तब्ध है ।

7 दिन पहले कक्षा 6वीं में हुआ था छात्र का दाखिला

बिलासपुर का रहने वाला है मृतक छात्र ऋषभ धारिया

छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया लेकिन तब तक ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना की ख़बर जंगल में आग की तरह फैल गई।उस पर विडंबना ये कि ख़बर बनाने गए मीडिया के एक कैमरामैन से सैनिक स्कूल की प्रिंसिपल बताई जा रहीं एक महिला ने सरेआम कैमरामैन को ही अपना रूतबा दिखाना शुरू कर दिया लेकिन ये घटना कैमरे में क़ैद हो गई ।

रिपोर्ट की कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों से बदसलूकी वो भी संवेदनशील मामले में।

वहीं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद कई अभिभावकों ने ‘पहल’ को बताया कि सैनिक स्कूल में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल विगत कुछ वर्षों से बदतर हालत में है।हमारे बच्चे जब किसी समस्या की शिकायत करते हैं तो यहाँ स्वास्थ्य विभाग संभाल रहे एक व्यक्ति के द्वारा बच्चों को ही डाँटकर बत्तमीजी कर भगा दिया जाता है।इस तरह की शिकायत अभिभावकों ने की है साथ ही अन्य अव्यवस्था पर भी वो इतने आक्रोशित हैं कि अब अपने बच्चों का नाम कटवाने की तैयारी कर रहे हैं ।

सैनिक स्कूल के पीआरओ काग़ज़ पर लिखी बातों को देखकर रटा रटाया जवाब देकर औपचारिकता पूरी करते हुए दिखे।

अब देखना ये है कि इस संवेदनशील मामले में इस स्कूल के तथाकथित लापरवाह और असंवेदनशील कर्ता धर्ता और क्या बतायेंगे?

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।