आखिरकार सरगुजा ज़िले के कलेक्टर और एसपी की परिपक्वता व निष्पक्षता पर कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव ने सवाल उठा ही दिया।मां महामाया एयरपोर्ट अंबिकापुर पर पुलिस और मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थकों के बीच हुए झड़प को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने नाराज़गी जाहिर की है। सिंहदेव ने कहा कि कलेक्टर व एसपी परिपक्व अधिकारी माने जाते हैं. ऐसे में इन अधिकारियों को किसी एक के कंधे पर हाथ रखकर काम नही करना चाहिए. किसी को ऐसा ना लगे कि किसी एक के कंधे पर हाथ है. जबकि दूसरे के कंधे पर हाथ नहीं है।

गौरतलब है कि टीएस सिंहदेव समर्थकों को एयरपोर्ट स्थित कार्यक्रम स्थल के मुख्य गेट यानि एअरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर रोके जाने को लेकर विवाद हुआ। इस दौरान पुलिस प्रशासन के मैनेजमेंट को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता काफी नाराज़ थे।जिसमें सीएम व कलेक्टर को बुलाने के नारे लगते रहे।

कलेक्टर एसपी को परिपक्व होने की बात सिंहदेव ने कही।
बुलाओ कलेक्टर मुख्मंत्री को परेशान करके रखा है।आखिरकार सिंहदेव समर्थक के सब्र का बांध टूट ही गया।

यहां यह भी बताना लाजमी है कि ये वही कलेक्टर और एसपी सरगुजा हैं जो मैनपाट महोत्सव के दौरान दलेर मेंहदी के गाने में पद की गरिमा भूलकर स्टेज पर ही ठुमके लगा डाले थे।अब ऐसे अधिकारियों से कांग्रेस सरकार के मंत्री परिपक्वता की उम्मीद करें तो ये मृग मरीचिका या रेगिस्तान में पानी दिखने का भ्रम ही माना जाएगा।

सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने एअरपोर्ट के विस्तार का श्रेय अपनी राज्य सरकार को ही दिया।यहां भी भूपेश बघेल के साथ मंत्री अमरजीत भगत करीब दिखे और टी एस सिंहदेव एकदम पीछे खड़े रहे।स्पष्ट है कि गुटबाजी चरम पर है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।