ईडी का खौफ ऐसा कि छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों मे भ्र्ष्ट नेता हों या अधिकारी सब बचने की जुगत में लगे हैं आज से कुछ दिन पहले तक झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी के लिए लगातार बयानबाजी कर बार बार कह रहे थे कि ईडी की कार्यवाही राजनैतिक दुर्भावना से प्रेरित है!

पिछले हफ्ते सोरेन को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था पर वो हाजिर होने से बचते रहे और दिल्ली के अपने आवास से इसी BMW कार से फरार हुए!

इसी क्रम में आज

जांच एजेंसी ED द्वारा एक बड़ी कार्रवाई कर जांच एजेंसी द्वारा हेमंत सोरेन की BMW कार को फिलहाल जब्त करके कार को ED के मुख्यालय मे लाया गया है!दिल्ली से अचानक गायब होने से पहले मुख्यमंत्री द्वारा इसी कार का उपयोग किया गया था!

वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ का एक विवादित आईपीएस जो ईडी के चक्कर में फंसी चांडाल चौकड़ी के लिए कई अच्छे लोगों को परेशान करने के लिए कुख्यात हो चुका है और EOW में भी रहकर वहां भी कई काम को सुनियोजित षड्यंत्र कर अंजाम देते रहा अब ये अपने को फंसता देख दिल्ली में व अन्य जगह तार खोज रहा है लेकिन इस आई पी एस के चर्चे इससे पहले ही वहां पहुंच जाते हैं!

अब देखना ये है कि नियम विरुद्ध काम कर और गलत तरीका अपनाकर अपनी धौस दिखाना इस आई पी एस के लिए कब किस तरह की मुसीबत बनकर पहाड़ जैसे टूटती है!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।