ED investigation Details on Bhushan Still case

बड़े घोटाले के तार छत्तीसगढ़ से भी जुड़े हैँ साथ ही कुछ अन्य राज्यों से भी! छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्टील कारोबारी इस फर्जीवाड़े में शामिल हैँ ये बात सूत्रों के हवाले से सामने आ रही है!

लगभग 56 हजार करोड़ रुपये के इस बड़े बैंक घोटाले मामले की शुरुआती जाँच केंद्रीय जांच एजेंसी एसएफआईओ के द्वारा आरोपपत्र के द्वारा किया गया था! इतनी बड़ी रकम के घोटाले की जाँच का जिम्मा ईडी के सुपुर्द किया गया!

केस को ईडी द्वारा टेकओवर कर  मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में तफ्तीश की जा रही है!इस मामले में जांच एजेंसी द्वारा कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज सिंघल सहित उसके कई सहयोगियों के खिलाफ भी पूरे तथ्य को जुटा रही है  क्योंकि इस मामले में शुरुआती तफ्तीश के दौरान ये भी जानकारी सामने आई थी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित उसके कई सहयोगी के द्वारा कई शैल कंपनियों को बनाकर बैंक से कर्ज ली गई रकम को उसी शैल कंपनियों के द्वारा चलायमान किया गया और बाद में जिस प्रोजेक्ट हेतु लोन लिया गया था वहां बड़ी चालाकी से उस प्रोजेक्ट में नुकसान दिखाके जा लसाजी की गई जिसके बाद बैंक से कर्ज के तौर पर ली गई रकम के साथ फर्जीवाड़ा किया गया मगर इस मामले में बाद में State Bank of India and Punjab National Bank के द्वारा कई शिकायतें दर्ज करवाई गई और इस मामले में SFIO और उसके बाद जांच एजेंसी ईडी की एंट्री हुई!

जांच एजेंसी द्वारा इस मामले में पिछले साल 2023 में 13 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली, छत्तीसगढ़ , हरियाणा  कोलकाता  , मुंबई  , भुवनेश्वर  समेत कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था!

वहीं एक अन्य मामले में ईडी ने एक बड़ी कार्यवाही शुरू की है!

पंजाब में हुए 16,000 करोड़ से जुड़े केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी द्वारा बड़ी कार्रवाई

जांच एजेंसी ईडी के द्वारा की जा रही है सर्च ऑपरेशन की बड़ी कार्रवाई

जांच एजेंसी द्वारा 14 लोकेशन पर आज की जा रही है सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई

जांच एजेंसी के सूत्र के मुताबिक 16000 से जुड़ा बैंक लोन फर्जीवाड़े से जुड़ा  ये मामला भी काफ़ी गंभीर है!

SEL textiles लिमिटेड नाम की कंपनी से जुड़ा बैंक लोन और उससे जुड़े फर्जीवाड़ा का है ये मामला

जांच एजेंसी सीबीआई के बाद अब इस मामले में जांच एजेंसी ईडी के द्वारा हो रही है कार्रवाई!

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।