राजपरिवार के महाराजा ने दी थी ज़मीन शुगर मिल के लिए लेकिन शर्तों का उल्लंघन कर जमीन गिरवी रखी और बेची भी अब ईडी ने कार्यवाही कर दी।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की बड़ीसर्च ऑपरेशन की कार्रवाई, पंजाब और चंडीगढ़ में छापेमारी

जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय ने आज, 20 अगस्त 2025, पंजाब और चंडीगढ़ में आठ ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में छापेमारी की है। यह कार्रवाई मेसर्स एस वहीद संधर शुगर लिमिटेड और उससे जुड़े व्यक्तियों व संस्थाओं के खिलाफ की जा रही है।

ईडी ने जांच विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी

जांच में सामने आया कि मेसर्स एस वहीद संधर शुगर लिमिटेड ने मुआफी भूमि का दुरुपयोग किया, जिसे वर्ष 1933 में कपूरथला रियासत के महाराजा जगत जीत सिंह ने चीनी मिल चलाने के लिए आवंटित किया था।

आवंटन की शर्तों के अनुसार, भूमि को न तो गिरवी रखा जा सकता था और न ही बेचा जा सकता था।

वर्ष 2000 में कंपनी ने शुगर मिल चलाने का अधिकार प्राप्त करने के बाद शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूमि को गिरवी रख दिया और बाद में बेच भी दिया।

इस तरह की आपराधिक गतिविधियों से राज्य सरकार को नुकसान हुआ और कंपनी ने गैरकानूनी लाभ अर्जित किया।

इस मामले में अपराध की आय (Proceeds of Crime) की जांच जारी है, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग ₹95 करोड़ है।

ईडी की जांच में इस घोटाले से जुड़े कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।