छत्तीसगढ में आज एक ही समाचार सुर्खियों में है और वो है प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी की रेड का।

छत्तीसगढ में एक साथ आज रायपुर,कोरबा,रायगढ़,महासमुंद समेत कुछ जगहों पर 38 जगहों पर ईडी की छापेमारी एकदम सुबह सुबह ही शुरू हो गई।

साढ़े तीन महीने पहले ही केंद्रीय आयकर विभाग ने सूर्यकांत तिवारी,सौम्या चौरसिया जैसे बहुचर्चित लोगों के यहां लंबी कार्यवाही को अंजाम दिया था।उसी समय से केंद्रीय एजेंसी के राडार में छत्तीसगढ के कई बड़े लोग आ चुके थे।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय आयकर विभाग के द्वारा कई चौंकाने वाले तथ्यों की स्क्रूटनिंग कर ईडी को दी गई। जिस पर ईडी ने बहुत सुनियोजित तरीके से इन बड़े नामों को अपने राडार में रखे रहा।

जैसे जैसे समय बीतते गया वैसे वैसे इन लोगों को लगा कि अब मामला शांत हो गया है लेकिन इनकी छोटी से छोटी गतिविधियों पर केंद्रीय एजेंसी की इतनी पैनी नज़र थी कि ये भांप भी नहीं सके और ईडी के जाल में बुरी तरह से फंस गए।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार कोयले की काली कमाई खासकर प्रति टन 25 रूपए की वसूली का ये मामला अभी तक की जांच में 450 करोड़ के ऊपर पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि ये तो मात्र कोयले की वसूली के खेल का पर्दाफाश हो रहा है जिसके एक हज़ार करोड़ तक के भी पहुंचने की संभावना है।

वहीं शराब और रेत इसमें शामिल नहीं है।यदि वो भी इसमें जुड़ेगा तो आंकड़े की कल्पना करना भी मुश्किल काम होगा।

वैसे अभी कुछ ऐसे बड़े नाम का खुलासा भी हो सकता है जो बेहद चौंकाने वाले होंगे इसमें राजनेता समेत कुछ नौकरशाह भी शामिल हैं।

हां इसके लिए कुछ इंतज़ार करना होगा मगर इंतज़ार की समय सीमा कम भी हो सकती या अधिक भी ये तो समय के गर्भ में है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।