छत्तीसगढ़ में एक और विभाग और घोटाले की योजना।
4200 में आने वाला स्टील का डस्टबिन छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार के एक विभाग द्वारा सफलतापूर्वक 50000 में खरीदी करने का आदेश जारी हुआ है।

आश्चर्य कि केंद्र की मोदी सरकार ने GeM पोर्टल के जरिए पूरे देश में पारदर्शिता लाकर हर खरीद बिक्री पर ईमानदारी से क्रियान्वयन की योजना बना कर उसे संचालित किया उसी में छत्तीसगढ़ में वर्तमान भाजपा सरकार में कुछ निरंकुश हो चुके लोग़ इसमें भी बिना किसी भय के भ्रष्टाचार में उतर आए हैं।

सूत्रों के अनुसार एक विभाग में अब इसे बड़े पैमाने पर खरीद कर बंदरबांट करने की कोशिश शुरू कर दी है। हमारा इस समाचार को प्रकाशित करने का उद्वेश्य जिम्मेदार लोगों तक ये समाचार पहुंचाकर इस धांधली को रोकने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का है।


लगभग अब डर खत्म हो चुका है इससे तो यही लग रहा है।
जिस पार्टी के जांबाज 13 विधायक और प्रदेश भाजपा के नेता जब विपक्ष में थे तो 2018 से 2023 तक गंभीर आरोप कांग्रेस के मंत्रियों पर और नेताओं पर लगाते थे अधिकांश लोग उसमें जेल में है कुछ जाने को तैयार लेकिन
लगता है अब 2028 के बाद  Eow/acb/Ed/ को नए ग्राहकों की सूची बनानी पड़ेगी?
यह सिर्फ दो नग यानि जोड़े में स्टील का डस्टबिन का विभाग द्वारा वर्क आर्डर दिया गया है यह अलग बात है कि विभाग और ठेकेदारों के बीच कुल कितने नग की खरीदी करने का सौदा हुआ है इसकी पूरी जानकारी के लिए हमें थोड़ा और इंतजार करना होगा कि विभाग कुल कितना नग खरीदेगा।
लगभग अब नियंत्रण समाप्ति पर है और खासकर आदिम जाति कल्याण विभाग/ महिला एवं बाल विकास विभाग/ स्कूली शिक्षा विभाग/ जैसे अन्य विभाग जहां लगभग सेंट्रल फंड से खरीदी की जाती है और अब थोड़ा भी डर नहीं रह गया है भ्रष्टाचार करने के लिए।

भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ भाजपा शासन/ और छत्तीसगढ़ भाजपा शासन में जीरो टॉलरेंस/ को पलीता कौन लग रहा है कौन-कौन से विभाग लग रहे हैं किस किसके संरक्षण में लगा रहे हैं अब ये बात भाजपा के कार्यकर्ता ही करने लगे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।