सरकार में रहते हुए कांग्रेस का रैली करना ये साबित करता है वो आरक्षण ने नाम पर केवल नाटक कर रहे है – भाजपा

भाजपा प्रवक्ताओं ने भी खोला मोर्चा

भाजपा विधायक जमकर कर रहे नारेबाजी

रायपुर। भाजपा प्रवक्ताओं ने 3 जनवरी को कांग्रेस की रैली के औचित्य पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार पर हमला बोला है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं अमित साहू ने संयुक्त बयान में कहा कि कांग्रेस यहां सरकार में है और राजभवन के खिलाफ रैली कर रही है। कांग्रेसी भूल गए हैं कि वे सत्ता में है। उन्हें चाहिए कि सारे तथ्य सदन में रखकर वह सभी वर्गों को उनकी संख्या के अनुपात में आरक्षण दें। क्या कांग्रेस को चार साल बाद भी ऐसा लगता है कि वह विपक्ष में है? ऐसा करके वे संवैधानिक स्थिति को संकट में डाल रहे हैं। कांग्रेस को समझना चाहिए कि उसकी रैली से वनवासी समाज अलग है, सतनामी समाज अलग है, आर्थिक रूप से पिछड़ा समाज अलग है तो उनके साथ है कौन?

भाजपा प्रवक्ता डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं अमित साहू ने कहा की जन घोषणा पत्र में जब उन्होंने एससी समाज को 16 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था तो अब उससे पीछे क्यों हट रहे हैं। दूसरी तरफ हाईकोर्ट से अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण रुकवाने वाला व्यक्ति कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री के पद में बैठा है यह अन्य पिछड़ा वर्ग भुला नहीं है।

भाजपा प्रवक्ता द्वय ने कहा कि आरक्षण पर सदन में विपक्ष के सवालों के जवाब देने के बजाए राज्यपाल पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले कांग्रेसी आखिर क्या चाहते हैं। क्या गड़बड़ है, जिसे छुपा रहे हैं? क्वांटिफायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट को क्यों दबाए हुए हैं? यह सरकार छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों के साथ धोखेबाजी कर रही है। आरक्षण को बचाने की बजाय इस पर राजनीतिक पैंतरे दिखा रही है। सरकार में रहते हुए भी यह रवैया अपनाना कांग्रेस को बेपर्दा करने के लिए पर्याप्त है। संवैधानिक संस्थाएं दबाव से नहीं बल्कि संविधान और नियम से कार्य करती हैं। कांग्रेस कितना भी तमाशा कर ले, जनता को जवाब तो उसे देना ही होगा।

भाजपा प्रवक्ता डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी व अमित साहू ने कहा भाजपा राज्य सरकार से यही चाहती हैं कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत सभी वर्गों को न्याय मिले। इसके विपरीत भूपेश बघेल सरकार भ्रमित कर रही है। इस सरकार की मंशा ही नहीं है कि छत्तीसगढ़ की जनता को उसका हक मिले। सरकार ने आरक्षण का मसला साजिश के तहत उलझा दिया है। जनता सब समझ रही है और सरकार को करारा जवाब देने तैयार है।
कांग्रेस के आंदोलन को सर्व आदिवासी समाज ने, प्रगतिशील सतनामी समाज ने, अन्य पिछड़ा वर्ग ने समर्थन देने से इनकार कर दिया।
इसलिए आंदोलन में भीड़ जुटाने के लिए भूपेश बघेल सरकार प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है और इस हेतु अधिकारियों को टारगेट दिया गया है ।

आरक्षण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा ओबीसी वर्ग को आरक्षण नहीं देना चाहती भूपेश सरकार पहले अपने ही नेता से हाई कोर्ट में याचिका
डलवाकर ओबीसी आरक्षण पर रोक लगवाई अब जानबूझकर क्वांटिफिएबल डाटा आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं ताकि ओबीसी वर्ग को आरक्षण न मिल सके नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कांग्रेस को इसपर जमकर घेरा है।

नारायण चंदेल ने कहा कि कल जिस तरह महामहिम के विरूद्ध कांग्रेस के विधायकों ने अपशब्दों का प्रयोग किया वो अकल्पनीय है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।