एक ओर आज भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ का ‘भरोसे का बजट ‘ पेश किया मगर शाम होते ही एक ऐसा समाचार सुर्खियों में आ गया जिससे कांग्रेस के दिग्गजों की नींद उड़नी स्वाभाविक है।प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव आज सरगुजा पहुंचे।इस दौरान माँ महामाया दरिमा विमान तल का निरीक्षण किया। मीडिया से सामना होते हक स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने एक बार फिर धमाकेदार बयान दे डाला और कहा कि “कांग्रेस के साथ हमारा परिवार हर परिस्थितियों में खड़ा रहा है,लेकिन कुछ दिनों से कांग्रेस का हाथ हमारे कंधे और सिर पर जितना होना चाहिए वह महसूस नहीं हो रहा है। मेरे समधि जो कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास हैं वो भाजपा में हैं उन्होंने भी मुझे भाजपा में आने का आमंत्रण दिया ये खुशी की बात है।मेरे भाजपा के लोगों से अच्छे संबंध है। लेकिन मेरी विचारधारा भाजपा से मेल नहीं खाती है, साथ ही कहा कि मेरे परिवार के लोग कहां जाएंगे मुझे नहीं पता। लेकिन मैं भाजपा में प्रचार करता हुआ कभी नही दिखाई दूंगा।हां परिवार के लोग की नहीं कह सकता।

स्पष्ट है कि टी एस सिंहदेव को मुख्यमंत्री न बन पाने और पार्टी में लगातार अपमान के कारण इनके बयान छत्तीसगढ की आगामी राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

कहीं ऐसा न हो कि 2003 में जोगी सरकार की तरह भूपेश सरकार को भी सरगुजा व अन्य जगहों पर आने वाले विधान सभा चुनावों में सीटों का नुकसान उठाना पड़ जाए। बहरहाल टी एस सिंहदेव के एक के बाद एक भाजपा प्रेम बयान कांग्रेस के लिए ज़रूर सिरदर्द साबित हो रहे हैं।

टी एस सिंहदेव का धमाकेदार बयान। अप्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस आलाकमान को अपनी बात कह डाली,संदेश भी दे दिया।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।