गैंगस्टर का लाईव मर्डर वो भी देश की नामी जेल में।
घटना के बाद का एक और वीडियो आया सामने।

इसी मंगलवार की सुबह 6:15 टिल्लू ताजपुरिया को तिहाड़ जेल में 4 कैदियों ने हमला कर उसकी हत्या कर दी। हमला योगेश टुंडा और उसके साथियों ने की। चाकू से बहुत बेरहमी से की गई थी हत्या।ये चारों हमलावर गोगी गैंग के बताए जाते हैं।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के टॉप मोस्ट गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया उर्फ सुनील मान की गैंगवार में हत्या,योगेश टुंडा पर हत्या का आरोप,टिल्लू ताजपुरिया ने ही रोहिणी कोर्ट रूम के अंदर दूसरे टॉप मोस्ट गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या करवाई थी,तब उसके 2 शूटर मारे गए थे।

ये वीडियो एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ जेल की है , जहां देखा जा सकता है की कैसे एक गैंगवॉर के तहत टिल्लू ताजपुरिया की हत्याकांड को अंजाम दिया गया ।

तिहाड़ जेल के अंदर टिल्लू हत्याकांड से जुड़े मामले में एक दूसरा CCTV भी आया है सामने । दूसरे CCTV में तिहाड़ जेल के अंदर कार्यरत कुछ पुलिसकर्मी नज़र आ रहे हैं इसमें।

सेंट्रल जेल नंबर 8
वार्ड नंबर 5

कैमरा नंबर 2

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।