ड्रोन कैमरे से महाकाल मंदिर का दृश्य। क्षिप्रा नदी के तट पर जगमगाए दिए।

शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों पर 18 लाख, 82 हजार दीप प्रज्वलित कर बनाया गया विश्व रिकार्ड, मुख्यमंत्री व प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री रहे मौजूद।

महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन की शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों पर एक साथ दीप प्रज्वलन का विश्व रिकार्ड बन चुका है। यहां प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पत्नी साधना सिंह के साथ मौजूद थे। इस दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव, भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया महापौर मुकेश टटवाल भी मौजूद रहे। यहां दीप प्रज्वलन एक साथ किए गए। इसके बाद गिनिस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने इसका आकलन किया और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कीर्तिमान की घोषणा की गई। यहां शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों पर 18 लाख 82 हजार दीप एक साथ प्रज्वलित करने का रिकार्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यहां बता दें कि इसके पूर्व भगवान राम की नगरी अयोध्या के नाम 15 लाख 76 हजार दीप प्रज्वलन का रिकॉर्ड था।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। ग्रीनिज बुक के अधिकारी घोषणा करते हुए।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।