ED Breaking and Chattisgarh :

छत्तीसगढ़ में चल रही ED की कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को किया गया गिरफ्तार।

ED द्वारा इंद्रमणि ग्रुप के सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है।

IAS अधिकारी समीर विश्नोई को भी तफ़्तीश के दौरान किया गया गिरफ्तार।

आरोपी सूर्यकांत तिवारी के रिश्तेदार लक्ष्मीकांत तिवारी को भी किया गया है गिरफ्तार।

लक्ष्मीकांत तिवारी के खिलाफ भी जांच एजेंसी को मिले थे कई महत्वपूर्ण सबूत।

जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक आज पूछताछ की प्रक्रिया शामिल हो सकती हैं IAS अधिकारी रानू साहू।

आयकर विभाग के आरोप पत्र और शिकायत के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय याने की ईडी ने 11 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ में आईएएस अधिकारियों और शराब ठेकेदार कोयला ट्रांसपोर्ट के साथ सत्ता पार्टी से जुड़े हुए नेताओं के यहां छापेमारी की सूत्र यह बता रहे हैं प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और करीब 4 करोड़ से ऊपर की राशि के साथ ही कुछ सोने के जेवरात भी जप्त किया है।
विश्वसनीय सूत्र यह भी बता रहे हैं कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने अपने एडवोकेट पैनल को तैयार रहने के लिए कहा है और प्रवर्तन निदेशालय आज 13 अक्टूबर को कुछ लोगों को ईडी के न्यायालय में पेश कर सकती है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।