एक नवंबर को लॉन्च होगी RBI द्वारा पहली बार भारतीय डिजिटल करेंसी।

भारत के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा डिजिटल करेंसी की दिशा में एक बड़ी इंट्री करते हुए मंगलवार एक नवंबर को डिजिटल करेंसी जारी करने जा रहा है । जिसको लेकर पूरे देश में ये चर्चा का विषय बना हुआ है । क्योंकि आरबीआई द्वारा भारतीय मार्केट में होलसेल ट्रांजेक्शन के लिए डिजिटल रूपी लॉन्च किया जाएगा ,इसकी सबसे बड़ी खासियत ये होगी कि इसे बैंक मनी या नकदी यानी कैश के रूप में बदला जा सकता है । यूजर को पेमेंट करने के लिए डेविट कार्ड ,डिजिटल पेमेंट एप्पलीकेशन और इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस के द्वारा किया जा सकता है ।

रिजर्व बैंक द्वारा 9 राष्ट्रीय बैंकों को डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने की जिम्मेदारी (Nine prominent banks have been identified) सौंपा है । जिसके नाम प्रमुख तौर इस प्रकार से हैं। —

  1. बैंक ऑफ बड़ोदा —(Bank of Baroda ,(BANKBARODA)
  2. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया– (State Bank of India (SBIN)
  3. एचडीएफसी बैंक –(HDFC Bank (HDFCBANK)
  4. आईसीआईसीआई बैंक —(ICICI Bank (ICICIBANK)
  5. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया –( Union Bank of India (UNIONBANK)
  6. कोटक महिंद्रा बैंक — ( Kotak Mahindra Bank (KOTAKBANK)

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।