छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ट्वीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को।
अब इसका क्या जवाब आता है इसका इंतजार छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ जनता को रहेगा।

ईडी ये शब्द सुनते ही अब पूरे तंत्र में और राजनेताओं में एक सिहरन सी हो जाती है।छत्तीसगढ में भी ईडी के नाम से कई लोग पीड़ित होने वाले हैं।

कल से ही छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ईडी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ में भाजपा सरकार के समय नान घोटाले और चिटफंड घोटाले को लेकर विस्तृत रूप से तथ्य लिखकर भेजे हैं।

आज वो फिर ईडी की जांच वो भी निष्पक्ष जांच के लिए प्रधानमंत्री मोदी को सीधे ट्वीट कर संकेत संकेत मे कई बातों का मात्र चार लाईनों में बहुत होशियारी से उल्लेख किए हैं।

भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह पर लगातार तीखे हमले कर रहे हैं।

वैसे देखा जाए तो भाजपा सरकार के शासनकाल मे भी छत्तीसगढ में घोटाले आज तक अबुझ पहेली बने हुए हैं। जानकारों का मानना है कि यदि उस समय की भी जांच ईडी से करा दें तो कुछ बड़े नाम वाले नेताओं को भी कहीं पनाह नहीं मिलेगी।

अब देखना ये है कि इस ट्वीट का मोदी क्या जवाब देते हैं।

राज्य मे चल रहे ईडी ईडी पर भाजपा के दो बड़े नेताओं की चुप्पी भी कई ऐसे सवाल उठा रही है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।