ईडी के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा।

पूरे देश में भ्रष्ट नौकरशाहों समेत राजनैतिक दिग्गजों और दलालों के लिए ईडी दहशत का पर्याय बन चुकी है।

ये संभव हो पाया है ईडी के बेहद तेज तर्रार और निर्भीक आईआरएस अधिकारी संजय कुमार मिश्रा के ईडी के लगातार डायरेक्टर रहते हुए।

ईडी और संजय कुमार मिश्रा-ईडी का नाम आते ही एस के मिश्रा का नाम स्वतः ही लोगों के लिए चर्चा का विषय बन जाता है।बेहद निर्भीक,ईमानदार और काम के प्रति गजब का समर्पण। ये सब गुण ईडी के निदेशक संजय कुमार मिश्रा में भरे हुए हैं।

किसी भी मुद्दे की जड़ तक जाकर स्वयं एक एक केस पर पैनी और गहरी नज़र इन्हें औरों से अलग शख्सियत बनाती है।

देखिए 18/11/22 से 18/11/23 तक कार्यकाल बढ़ाने का आदेश।

वर्तमान में छत्तीसगढ में भी चल रही ईडी की कार्यवाही की हर बात की डिटेल्स डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा के पास रहती है।इसी तरह देश के किसी भी हिस्से में ईडी की कार्यवाही की पल पल की ये अपडेट लेकर उसका सूक्ष्म विश्लेषण करके आगे की कार्यवाही के लिए दिशानिर्देश देते रहते हैं।

इनका कार्यकाल बढ़ना भ्रष्ट लोगों के लिए एक बड़े खतरे की घंटी है।वहीं ये तय है कि अब और तेजी से ईडी अपनी कार्यवाही बड़े पैमाने पर एक साथ करेगी।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।