Supreme Court Breaking Details and Chattisgarh/Mumbai ‘s Mahadev Application Case :

महादेव ऐप मामले में गिरफ्तार सुनील दम्मानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है।

विदेश जाने की अनुमति पर लगी रोक, कुछ शर्तों के साथ मिली है राहत

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सुनील दम्मानी को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है। सुनील को 15 दिन में ED कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोड़ने पर रहेगी रोक। हाइकोर्ट ने महादेव सट्टा ऐप मामले में दोनों भाईयो हवाला कारोबारी सुनील और अनिल दम्मानी को जमानत देने से इंकार कर दिया था। इससे पहले महादेव सट्टा ऐप मामले में दोनों भाईयो को ईडी ने गिरफ्तार किया था।दरअसल, दोनों दम्मानी भाई महादेव सट्टा एप में करोड़ों का हवाला करने के आरोपी हैं. ईडी ने दोनों आरोपियों को अगस्त माह के आखिरी हफ्ते में गिरफ्तार किया था।केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के द्वारा इसी मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा सहित 10 लोगों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को पिछले साल अंजाम देते हुए कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया था।जांच एजेंसी द्वारा इस मामले में दम्मानी के अलावा उनके भाई अनिल दम्मानी, छत्तीसगढ़ पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक चंद्र भूषण वर्मा और रायपुर निवासी सतीश चंद्राकर को भी पिछले साल गिरफ्तार किया गया था।

ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग मामला दुर्ग जिले के मोहन नगर पुलिस स्टेशन में अवैध जुआ ऐप ‘महादेव’ के खिलाफ 2022 में राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।