एक दलित लड़की जिस तरह से सचिन पायलट के आगे हाथ जोड़े खड़ी है ये दृश्य वाकई मार्मिक है। संस्कार और अनुशासन की बात करने वाली पार्टी भाजपा के प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं कर रही ये गम्भीर सवाल है।

कांग्रेस के एआईसीसी छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट के बेमेतरा आगमन के दौरान सभा स्थल पर एक दलित युवती ने उनसे मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि भाजयुमो अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद होने के बावजूद शासन के दबाव में कार्रवाई नहीं की जा रही है।

युवती ने कहा कि “चरित्रहीन आचरण के बावजूद राहुल टिकरिहा को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं जल्द ही बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाऊँगी।”

गौरतलब है कि हाल ही में राहुल टिकरिहा के चाचा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे और कार्यवाही की मांग की थी। भाजपा के अंदरखाने ही चर्चा है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन और पार्टी की कार्यशैली से ज़मीनी कार्यकर्ताओं में गहन निराशा है और कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी को चौक चौराहों पर कोस रहे हैं लेकिन संगठन जिस तरह आंख मूंदे बैठा है उससे भाजपा की स्थिति अब लगातार गिर रही है।

अब देखना यह होगा कि पीड़िता की शिकायत पर सचिन पायलट व कांग्रेस संगठन किस तरह की पहल करते हैं और क्या राज्य सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम उठाती है।

वहीं भाजपा के जिम्मेदारी वाले पद पर बैठे लोगों पर ही जिस तरह आरोप लग रहे हैं उससे भी आमजन खुलकर कह रहे हैं कि क्या इसके लिए ही हमने भाजपा को वोट दिया था?

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।