अंबिकापुर में ख़ौफ़नाक कांड के तीन दिन बाद पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने ट्वीट किया जिसकी जमकर आलोचना हो रही है।
ट्वीट के बाद ही लोग टी एस सिंहदेव से ट्विटर पर तीखे सवाल कर रहे हैं कि अब इतने विलंब से ये प्रतिक्रिया क्यों आ रही है?
कईयों ने बहुत तल्खी से लिखा है जबकि सरगुजा के वरिष्ठ पत्रकार अपूर्व सिंह ने भी बहुत मर्यादित भाषा में सिंहदेव के ट्वीट पर लिखा है कि इतने बड़े मामले पर आपकी और कांग्रेस पार्टी की विलंब से प्रतिक्रिया आई।


सवाल उठने लाजिमी भी हैं कि आख़िर टी एस सिंहदेव जिन्हें जनता ने तीन तीन बार विधायक चुना इसके बाद वो विपक्ष में भी सशक्त भूमिका निभा पाने में लाचार नज़र आ रहे हैं।
वहीं सरगुजा के मृतप्राय प्रशासन का यहाँ के भाजपाई तक विरोध कर रहे हैं कि आख़िर यहाँ हो क्या रहा है।
और तो और भाजपा के ज़िला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने भी इस कांड को लेकर जो फ़ेसबुक पर पोस्ट डाली है वो भी चर्चा का विषय बन गई है।
साफ़ है कि जब सत्ता पक्ष के लोग ही यहाँ कानून व्यवस्था पर सवाल खुलकर करने लगें तो ये सवाल सरकार के लिए बेहद गंभीर और आत्मचिंतन व मंथन का है साथ ही मुख्यमंत्री के संभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी का भी।
स्थिति ये है कि ज़िले के बड़े अधिकारी पत्रकारों के सवालों से पलायन कर रहे हैं वहीं कलेक्टर सरगुजा की मीडिया से अघोषित दूरी और चंद चापलूसों से घिरे रहने की वृत्ति उन्हें सरगुजा की ज़मीनी हक़ीक़त से लगातार दूर करते जा रही है जो इस ज़िले के लिए एक अभिशाप साबित हो रही है।
आलोक शुक्ल, संपादक पहल
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भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने भी इस कांड पर ये पोस्ट किया।जिससे यहां के प्रशासन पर गंभीर सवाल खडे हो रहे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।