अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में अमृत मिशन योजना के अंतर्गत मिलने वाले पानी में एक अजीब जीव दिखने से वार्ड वासी हैरान परेशान हो गए। दरसअल अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के केदारपुर सहेली गली स्थित एक मकान में अमृत मिशन योजना के तहत लगे नल कनेक्शन के माध्यम से पानी की सप्लाई में एक अजीबो गरीब जीव दिखने से वार्ड वासियों में हड़कंप मच गया। वार्डवासियों ने निगम प्रशासन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही है।वहीं नगर निगम के महापौर डॉ अजय तिर्की ने कहा है कि समय-समय पर पानी टंकियों की साफ सफाई की जाती है, साथ ही कहा कि इस तरह का जीव मिलना चिंता का विषय है।वहीं दूसरी तरफ कहा कि पाइप लाइन में कहीं-कहीं ब्रेक के कारण इस तरह की समस्या देखने को मिलती है,आगे से इस पर सुधार करने की बात भी कही गई है।बहरहाल अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में सवा दो लाख की आबादी को पानी सप्लाई के लिए 106 करोड़ से अधिक की लागत से अमृत मिशन योजना के तहत घर-घर पानी पहुंचाने की योजना पर नगर निगम काम कर रहा है।बावजूद इसके शुद्ध पेयजल को लेकर लोगों में चिंता का है।अब देखना होगा कि नगर निगम कब तक शुद्ध पेयजल वार्ड वासियों को उपलब्ध करवा पाता है।

पानी में निकला अजीब जीव।
महापौर डाॅक्टर अजय तिर्की ने कहा कि ये जीव पहली बार देख रहा हूं। जंतु विज्ञानी ही इसके बारे में बता सकते हैं।कहीं कहीं नल ब्रेक से भी समस्या आती है।

प्रश्न ये उठ रहा है कि एक अरब रूपए से अधिक की इस योजना में काम की गुणवत्ता क्या इतनी गिरी हुई है कि कनेक्शन कहीं टूट फूट कर यानि ब्रेक होकर कहीं बाहर से भी गंदा पानी इसमें मिल सकता है।ये पूरे शहरवासियों और स्वच्छ शहर का खिताब पा चुके अंबिकापुर शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।