सरगुजा पुलिस। अब सरगुजा की पुलिस को लोग धत्ता बताकर इसका खुलेआम माखौल उड़ा रहे हैं।आज रात एक ऐसा नजारा कैमरे में कैद हुआ है जो सरगुजा के ज़िला मुख्यालय अंबिकापुर की पुलिस के दावों को एक बार में ही खोखला साबित करने के लिए पर्याप्त है।

आज यहां एसपी बंगले के ठीक बगल से गांधी चौक से आकाशवाणी चौक से होते हुए एक पिकअप जिसमें 40 से अधिक लोग खचाखच भरे हुए थे वो बेखौफ,बेधड़क मुख्य मार्ग पर नवरात्रि के बावजूद भी दौड़ती रही।

भयावह ये कि इसमें बच्चे भी थे,अधेड़ भी और युवा भी।हर समय नवरात्र पर कहीं न कहीं से ये ख़बर आ ही जाती है कि क्षमता से अधिक लोगों से भरी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गई और इतनी तादाद में लोग काल के मुंह में समा गए।

इसके बाद भी पुलिस का इस कदर लापरवाह होना अपने कर्त्तव्य से सीधे सीधे पल्ला झाड़कर लोगों को कानून तोड़ने के लिए प्रेरित करने वाला ही है।

वैसे भी सरगुजा पुलिस जब ज़िला मुख्यालय अंबिकापुर में ही बेलगाम व बेखौफ बाईक सवारों के हुड़दंग,क्षमता से अधिक सवारियों से भरी गाड़ियों को रोकना तो दूर उन्हें टोकना भी मुनासिब नहीं समझती ऐसे में अपराधियों के हौसले भी बुलंद ही होंगे ये कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।