रायपुर केंद्रीय जेल के दो बड़े अधिकारियों का स्थानांतरण।

ईडी का खौफ अब राज्य के प्रशासनिक अमले पर हावी होता दिख रहा है।

ईडी के द्वारा कई दिग्गजों को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में रायपुर केंद्रीय जेल की सींखचों के पीछे डाल दिया गया है।इसमें सबसे महत्वपूर्ण नाम छत्तीसगढ की शक्तिशाली महिला अधिकारी रह चुकीं सौम्या चौरसिया का है।वहीं आईएएस समीर विश्नोई समेत सूर्यकांत तिवारी,सुनील अग्रवाल समेत अन्य लोग भी इसी जेल में एक साथ बंद हैं।

तमाम प्रयासों के बाद भी इनमें से किसी को जेल से बाहर आने के लिए जमानत तक नहीं मिल पाई है।

सूत्रों की मानें तो ईडी के पास ये जानकारी पुख्ता तौर पर पहुंच चुकी थी कि जेल के अंदर भी इन हाई-प्रोफाइल बंदियों को सुविधायें दी जा रही थीं साथ ही कुछ और भी संचालित होने की जानकारी प्रमाण समेत मिल रही थी।इसे लेकर ईडी के अधिकारी कुछ तथ्यों से यहां के अधिकारियों को अवगत करा चुके थे।रायपुर केंद्रीय जेल के जेल अधीक्षक को अंबिकापुर भेजा गया है वहीं उप अधीक्षक को महासमुंद भेज दिया गया है।

एक तरह से हाई-प्रोफाइल बंदी जो कि ईडी के द्वारा मनी लांड्रिंग में बंद हैं इनका नेटवर्क अब तोड़ने का उद्देश्य ही मुख्य है।

सूत्रों की मानें तो अब कुछ हाई-प्रोफाइल कैदी जो ईडी के मामले में जेल में बंद हैं इन्हें राज्य की जेल से बाहर शिफ्ट करने का प्रयास भी ईडी कर सकती है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।