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विशेष न्यायालय ईडी विद्वान न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने छत्तीसगढ़ सरकार में संविदा पर नियुक्त आबकारी विभाग के पूर्व सचिव निरंजन दास की अग्रिम जमानत याचिका कुछ देर पहले निरस्त कर दी।
प्रमोटी आईएएस जो संविदा में आबकारी सचिव के पद पर थे उन्हें 2000 करोड़ों रुपए के शराब घोटाले के मामले में ईडी द्वारा नोटिस जारी किया गया है।

वहीं कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के छत्तीसगढ़ ईडी के शिकंजे में फंसे लोग जिसमें सूर्य कांत तिवारी की मुख्य भूमिका बताई गई थी इसमें नाटकीय मोड़ आ गया है।

आयकर अन्वेषण विंग मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला सेशन कोर्ट क्रमांक वन में एक रिट याचिका दायर की है ईडी द्वारा गिरफ्तार सूर्यकांत सौम्या चौरसिया एवं अन्य के विरुद्ध।
आयकर एक्ट के अनुसार धारा 177 और धारा181..193..196…200..420..120 बी के अंतर्गत आयकर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार बदलते ही वर्तमान कांग्रेस की सरकार ने उपरोक्त लोगों के विरुद्ध जो आयकर विभाग ने एफ आई आर दर्ज की थी उन धाराओं को वहां के पुलिस ने हटा दिया है इससे जो सूत्र बता रहे हैं ईडी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भोपाल जिला सेशन कोर्ट क्रमांक वन में इसकी सुनवाई 18 जुलाई 2023 को होना बताया जा रहा है।

ईडी भी अब भाजपा शासित प्रदेश में आयकर अन्वेषण विभाग के द्वारा सूर्यकांत समेत अन्य लोगों के विरूद्ध एक और क़ानूनी कार्यवाही करके अपनी गिरफ़्त में आ चुके लोगों पर मज़बूत शिकंजा कसने की तैयारी में है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।