ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर टी एल मीणा ने 15 अप्रैल 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को एक पत्र प्रेषित कर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा के बारे में लिखा है कि वह हमें सहयोग नहीं कर रहे हैं उन्हें बयान के लिए बुलाया गया है लेकिन चारों बार वह अनुपस्थित रहे।
पत्र में आगे लिखा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य मार्केटिंग कारपोरेशन,आबकारी विभाग,
के प्रबंध संचालक अरुण पति त्रिपाठी को 12 अप्रैल को ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था मगर वह भी उपस्थित नहीं हुए और सहयोग नहीं कर रहे हैं।
पत्र में मुख्य सचिव से अनुरोध किया गया है कि उपरोक्त दोनों अधिकारी को निर्देशित करें कि बुलाने पर वह समय पर आकर जांच में हमें सहयोग करें।

इससे तय है कि ईडी अब छत्तीसगढ में शराब घोटाले से संबंधित मनी लांड्रिंग केस पर जल्द ही सख्त रवैया अपना सकती है। ईडी की लगातार कार्यवाही से राज्य के अधिकारी व इसमें फंसे लोग एक तरह से ईडी का सहयोग नहीं करने की नीति अंदर ही अंदर बनाकर अपने हिसाब से बचना चाह रहे थे परंतु ईडी का ये पत्र अब इन सबके लिए निश्चित तौर पर ईडी को स्वतंत्र तौर पर बड़ी व कड़ी कार्यवाही के लिए इंगित कर रहा है।

सूत्रों की मानें तो अनिल टुटेजा के लिए कोई बड़ी मुसीबत अब ईडी खड़ी कर सकती है।

छत्तीसगढ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर टी एल मीणा के द्वारा लिखा गया पत्र।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

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निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।