छत्तीसगढ में कोरिया ज़िले में भूकंप के लगातार झटकों ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है।

जुलाई से लेकर अक्टूबर के बीच कोरिया ज़िले में चार चार बार भूकंप आया ।

कोरिया ज़िले के वरिष्ठ और प्रकृति के मुद्दे पर सजग और संवेदनशील पत्रकार चंदकांत पागीर के अनुसार “जुलाई से लेकर अक्टूबर तक चार बार कोरिया ज़िले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। चिंता का विषय ये है कि इनकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है।इस ज़िले में एसईसीएल की कोयला खदानें भी हैं जिससे ज़मीन के अंदर का जहां जहां कोयला निकाल लिया गया है वहां वहां ज़मीन खोखली है।एसईसीएल प्रबंधन लगातार यहां ग्रामीणों की मांग को अनदेखा कर रहा है इससे रिक्टर पैमाने पर भूकंप की बढ़ती तीव्रता के साथ साथ एसईसीएल की इन क्षेत्रों में अनदेखी कोई बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकती है।”

एसईसीएल के अधिकारी के पास पहुंचे लोग।

कोरिया ज़िले में चौथी बार भूकंप के झटके महसूस हुए, इस बार अब तक आए झटको में सबसे ज्यादा 4.9 रियेक्टर स्केल मापे गए। वहीं भूकंप के आने से कटगोडी में कुछ कुओं मे दरार तो एक कुंआ भसक गया, जबकि एक ग्रामीण का रसोई और कुछ लोगों के घरों की दिवारों मे दरारे आ गई, जिसके बाद काफी संख्या में ग्रामीणों ने कटगोड़ी साफ्ट को घेर कर बंद कर दिया, वहीं एसईसीएल के सब एरिया मैनेजर की समझाईश के बाद ग्रामीण माने।

कोरिया जिले के बैकुंठपुर से 7 किमी दूर स्थित गेज बांध रक्या के समीप 5 बजकर 28 मिनट पर 4.9 रियेक्टर स्केल के भूकंप के झटके महसूस किए गए। बताया जा रहा है कि यह भूकंप की सतह से 10 किमी की गहराई पर केंद्रित था जिसकी भगौलिक अक्षंशीय स्थिति 23.33 उत्तरी अक्षांक और 82.58 पूर्वी दक्षांक बताया जा रहा है। सुबह आए भूकंप से लोग एकदम से उठ खड़े हुए, वहीं इसके झटके बैकुंठपुर से लेकर सोनहत, कटगोड़ी में ज्यादा महसूस किए गए। कटगोड़ी में एसईसीएल की साफ्ट है जिसकी मदद से कोयला खनन के लिए खदान में आने जाने का काम किया जाता है, इस क्षेत्र में बीते 3 बार आए भूकंप की आहट से लोग काफी परेशान हैं। गौरतलब है कि कोरिया जिले में भूकंप के तीसरी बार आए झटके है, इससे पहले 4.3 फिर 4.7 और अब 4.9 रियेक्टर स्केल के झटके आए है, रियेक्टर स्केल के बढ़ते क्रम को देखते हुए लोग आने वाले समय को लेकर बेहद चिंतित है।

दिवारों मे दरार, कुंआ धसका
भूकंप के झटके तो आसपास कई जगह महसूस हुए, परन्तु कटगोड़ी में ग्रामीणों को इसका काफी एहसास हुआ, यहां के निवासी विश्वनाथ साहू के घर की रसोई घसक गई, जबकि एक ग्रामीण के घर का कुंआ धसक गया, वहीं कई लोगों के घरों की दिवारों में दरारें आ गई। जिस कारण लोग काफी दहशत में है। ग्रामीणों का कहना है कि भूकंप के आने की वजह एसईसीएल है, क्योंकि उसने हमारे क्षेत्र को खोखला कर दिया है, जबकि एसईसीएल के सब एरिया मैनेजर का कहना है ऐसा नहीं है, भूकंप से खदानों का कोई कनेक्शन नहीं है।

साफ्ट को घेरा ग्रामीणों ने

कटगोड़ी साफ्ट को भूकंप के झटकों के बाद ग्रामीणों और महिलाओं ने घेर लिया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, प्रशासन की ओर से सीईओ सोनहत भी पहुंच गए, जिसके बाद एसईसीएल के सब एरिया मैनेजर के साथ कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणो से बात की, ग्रामीणों के साथ अविनाश पाठक ने एसईसीएल के सब एरिया मैनेजर को बताया कि बीते 18 वर्षो से एसईसीएल यहां से कोयला उत्खनन कर रही है, परन्तु यहां के लोगों को ना तो पानी ना ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कुछ किया गया है, ब्लास्टिंग से यहां के लोगों के घरों में दरार आ रही है, लोग परेशान है, जिस पर एसईसीएल के सब एरिया मैनेजर ने लोगो को बताया कि ब्लास्टिंग का काम बीते कई माह से एकदम बंद है, जो भी हो रहा है वो भूकंप के कारण है, जिस पर एसईसीएल कुछ नहीं कर सकती है। उन्होने कहा कि कल से पीने के पानी की सप्लाई की जाएगी और स्वास्थ्य के लिए भी एसईसीएल प्रबंधन कुछ कदम उठाएगा।

तस्वीरें साभार चंद्रकांत पागीर वरिष्ठ पत्रकार कोरिया ज़िला।
देखिए लगातार बढ़ती भूकंप की तीव्रता

By @dmin

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