कोरबा के विधायक व छत्तीसगढ़ सरकार में राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल कोरबा में ट्रांसपोर्ट नगर बरबसपुर के 42 एकड़ में पहले चरण में पहला भाग और 30 एकड़ में दूसरा फेस बनाने का निर्णय लिया गया था। राजपत्र में भी प्रकाशित हुआ आखिर यह काम गति क्यों नहीं पकड़ रहा है।
राजस्व मंत्री ने स्पाॅट पर उपस्थित अधिकारियों से कहा कि कलेक्टर से बात करिए और वहां अपने घर में बैठा है मैं मुख्य सचिव से बात किया हूं उन्होंने बाहर जाने की कोई छुट्टी नहीं ली है।
उन्होंने स्पॉट पर उपस्थित अधिकारियों से कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्ट नहीं होगा अगर शिफ्ट होगा तो कोरबा का कलेक्टर।
राजस्व मंत्री के पूर्व कलेक्टर रानू साहू के साथ भी संबंध अच्छे नहीं थे।वर्तमान में रानू साहू पर भी ईडी का शिकंजा कसता नज़र आ रहा है।

कोरबा कलेक्टर के लिए जमकर खरी खोटी सुनाई मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने।

देखा जाए तो कोरबा कलेक्टर संजीव कुमार झा के अंबिकापुर से कोरबा पहुंचने के बाद ही दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं।ईडी के राडार पर आईं पूर्व कोरबा कलेक्टर रानू साहू पहले यहीं थीं।जब ईडी ने कोरबा के खनिज विभाग को सील कर जांच की थी तो भी संजीव कुमार झा से पूरे रिकार्ड की छानबीन की गई थी।गौरतलब है की संजीव कुमार झा कोरबा कलेक्टर से पहले दो अन्य ज़िलों बलरामपुर और सरगुजा के भी कलेक्टर रह चुके हैं।उनकी कार्यशैली को लेकर वहां भी प्रश्न उठे हैं।अब देखना है कि वर्तमान कोरबा कलेक्टर संजीव कुमार झा जो कि तीन ज़िलों के कलेक्टर का ताज पहनने का लगातार रिकार्ड बनाकर रखे हैं,आने वाले दिन कहीं उनके लिए भी मुसीबत का सबब बनकर आते हैं या पिछले दो ज़िलों के कलेक्टर रहते हुए आयाराम गयाराम साबित होते हैं।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।