चार नवजात जिनकी आंखों ने अभी उगते सूरज को देखा तक नहीं था बीती रात उनकी आंखें हमेशा हमेशा के लिए बंद हो गईं और उनके जीवन का सूर्योदय होने से पहले ही सूर्यास्त हो गया।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव का बयान।

अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया,जब 4 नवजात बच्चों की मौत का मामला सामने आया।आपको बता दें कि बीती देर रात अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में तकरीबन 4 घंटे तक लाइट गुल रही। जब परिजनों को सुबह नर्सों के द्वारा यह बताया गया कि आपके बच्चे की मौत हो गई है आप अपने पति और परिजनों को फोन कर बुला लीजिए।जिसके बाद अस्पताल परिसर सहित सरगुजा जिले में खबर फैलते ही मौके पर मेडिकल कॉलेज के डीन सहित कलेक्टर,एसपी मौके पर पहुंचे हुए हैं। जहां डॉक्टरों की टीम के साथ बैठक जारी है। अब देखना होगा कि इन बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन होगा. यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. इस मामले को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव का भी बयान सामने आया है.जिसमें कहा कि इस बात की जानकारी हुई है कि अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 4 बच्चों की मौत हुई है किन कारणों से मौत हुई है इसकी जांच के लिए जांच टीम गठित किया गया है.जांच के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

वैसे भी ये रटे रटाए जवाब के अलावा जिम्मेदारों के पास और कोई जवाब होता ही नहीं।

वैसे भी पूरे सरगुजा संभाग में व्यवस्थायें काफी पिछड़ी हुई हैं।स्वास्थ्य विभाग समेत बदहाल सड़कें,दम तोड़ चुकी कानून व्यवस्था साफ साफ बयां कर रहे हैं कि सरकार को जिम्मेदारी का बोध कराने के लिए यहां विपक्ष भी चुप्पी साधे हुए ही दिखता है।

जिनके घर का चिराग बुझ चुका है उसके लिए खाली व्यवस्था को दोष देना और गंदी राजनीति न करके सबको अब अपने गिरेबान में झांककर अपनी जिम्मेदारी को जागरूकता के साथ निभाने की सख्त आवश्यकता है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।