मानवीय संवेदनाओं को लेकर संवेदनशील पत्रकार सुधीर तम्बोली ‘आज़ाद’ की ये रिपोर्ट।

राज्य के सभी गांव, शहर में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल आयोजित हो रहे है। राजीव मितान क्लब के द्वारा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल खिलाया जा रहा है जिसमें नागरिक बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे पर इस प्रदेश व्यापी आयोजन में दिव्यांग जन हिस्सा नही ले पा रहे है पर वह चाहते है कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में दिव्यांग जनो के लिए भी खेल स्पर्धा आयोजित हो और वह सब भी शामिल हो सके।
धमतरी के रुद्री में संचालित आवासीय विद्यालय जिसका संचालन एक्ज़ेक्ट फाउंडेशन के द्वारा किया जाता है जहां के दिव्यांग खिलाड़ियों ने कई राष्ट्रीय खेल स्पर्धा में पदक हासिल किया है वह छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में हिस्सा नही ले पाने को लेकर निराश है और सिर्फ इसी संस्था के बच्चे नही शायद सभी दिव्यांग जिनको खेल कूद में रुचि हो वह सब भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में खेलना चाहते हो क्योंकि खेल खेलने का मन तो समय अवसर मिलने पर सभी को होता है। एक्ज़ेक्ट फाउंडेशन की छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर हो रहा जिसमें वह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रचलित संबोधन कका कहकर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में दिव्यांगों को भी अवसर देने दिव्यांग जनो के लिए खेल स्पर्धा आयोजित करने की मासूम अपील कर रही है।
अनेको बार सोशल मीडिया में वायरल वीडियो व समाचारो पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संज्ञान लेते हुए सार्थक पहल किया है शायद इसलिए ही दिव्यांग छात्रा को कका पर इतना भरोसा है वैसे भी भरोसे की सरकार छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की प्रचार का हिस्सा है तो संभव है कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में दिव्यांगजनो के लिए खेल स्पर्धा अवश्य होगा।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।