सुकमा पुलिस द्वारा एर्राबोर की घटना के आरोपी को गिरफ्तार करने में पायी सफलता।

सुकमा ब्रेकिंग

6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में सुकमा पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

पोटाकेबिन में कार्यरत भृत्य का पति माड़वी हिड़मा निकला आरोपी।

कन्या आवासीय पोटाकेबिन की अधीक्षिका के खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज।

दिनांक 22.07.2023 को थाना एर्राबोर क्षेत्रान्तर्गत कन्या आवासीय विद्यालय पोटाकेबिन में अध्ययनरत् बालिका के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा दुष्कृत्य किये जाने की सूचना पर दिनांक 24.07. 2023 को थाना एर्राबोर के द्वारा अपराध क्रमांक 09/2023 धारा 456, 363, 376 (क) (ख), 324 भादवि., 4, 5 (ड), 6 पाक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक महोदय जिला सुकमा के द्वारा तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोण्टा के नेतृत्व में 08 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। जांच दल ने लगभग 50 से अधिक व्यक्तियों से पुछताछ करके व इतने ही मोबाईल एवं टॉवर डम्प के विश्लेषण एवं घटना स्थल व घटना की परिस्थियों का विश्लेषण के आधार पर आरोपी माड़वी हिड़मा उर्फ राजू उम्र लगभग 35 वर्ष निवासी एरबोर के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर एवं पीड़िता के द्वारा पहचान सुनिश्चित किये जाने पर विधिवत् गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकरण में जांच के दौरान यह तथ्य सिद्ध होना पाये जाने पर की आश्रम कि अधीक्षिका श्रीमती हिना उम्र 36 वर्ष हाल मुकाम पोटाकेबिन एर्राबोर के द्वारा उक्त अपराधिक घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ कार्यालय एवं पुलिस को उचित समय पर नही दिया गया जिस पर से प्रकरण में धारा 376 (च) भादवि व धारा 21 पाक्सो एक्ट जोड़ कर आरोपी माहिला आश्रम अधीक्षिका को विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

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निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।