छत्तीसगढ़ में 575 करोड़ के DMF घोटाला मामले में जांच एजेंसी ED द्वारा छापेमारी, कई सफेदपोश हैं रडार पर।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर जोनल ऑफिस द्वारा तीन सितंबर को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 18 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया । जांच एजेंसी के मुताबिक ये करीब 575 करोड़ के DMF घोटाला यानी “डिस्ट्रिक मिनरल फंड” से जुड़े घोटाला मामले में कार्रवाई की गई है । इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कई सरकारी अधिकारियों – प्राइवेट लोगों के साथ — साथ टेंडर जारी करने वाले अधिकारी, ठेकेदार इत्यादि के यहां सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान रायपुर के शंकर नगर इलाके में रहने वाले कारोबारी विनय गर्ग सहित उन ठेकदारों, बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है ,जो खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए बनाए गए DMF फंड की बड़ी रकम को छत्तीसगढ़ बीज निगम (misappropriated through the Beej Nigam, Chhattisgarh) के मार्फत गलत तरीके से फर्जीवाड़ा किया गया था ।सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी महत्वपूर्ण सबूतों को , इलेक्ट्रोनिक एविडेंस और दस्तावेजों को जब्त किया गया,जिसे अब बाद में विस्तार से जांच एजेंसी ईडी के तफ्तीशकर्ता खंगालेंगे। जांच एजेंसी के मुताबिक ये सर्च ऑपरेशन हो रहा है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।