कार्टून बनाकर आरोप पत्र को जन जन तक पहुँचाने की कोशिश में लगी भाजपा।

देश के गृहमंत्री अमित शाह आज 2 सितंबर को को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार के विरुद्ध 104 पेज का आरोप पत्र जारी करते हुए कहा कि 15 साल भाजपा शासन काल में छत्तीसगढ़ को अग्रणी प्रदेश बनाने में डॉ रमन ने जो प्रयास किया उसे वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पलीता लगा दिया है।

देश के गृहमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार प्रदेश के जिलों के कलेक्टर को पैसा कलेक्ट का माध्यम बना लिया है।

36 मुख्य वादे किए थे उनमें से कितने पूरे हुए ये बतायें।राज्य में क़ानून व्यवस्था चरमरा गई है।

अमित शाह ने कहा कि मैं खुले मंच से भूपेश बघेल जी को चुनौती देकर बात करने के लिए तैयार हूँ वो बतायें कि यूपीए सरकार के समय 2004 से 2013 तक 77800 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ को 10 साल में मिले जबकि मोदी जी ने 3 लाख करोड़ से अधिक रूपये मात्र 9 साल में छत्तीसगढ़ को दिए।मगर हर जगह भ्रष्टाचार से काम नहीं हो पाया चाहे वो घर घर जल पहुंचाने की योजना हो या केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना हो।

अब देखना ये है कि राहुल गांधी किस तरह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीखे सवालों का जवाब छत्तीसगढ़ में देते हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर भी भ्रष्टाचार के कुछ बड़े आरोप लगते रहे हैं ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार एक मुख्य मुद्दा रहेगा और इसमें घिरे चेहरे उस पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बन सकते हैं ये कयास अब लगने शुरू हो चुके हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।