आज छत्तीसगढ़ के पूर्व आई ए एस अनिल टुटेजा मामले पर सुप्रीम कोर्ट में जो सुनवाई हुई उसका सिलसिलेवार विवरण निम्नानुसार है।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ा भ्रष्टाचार का मामला

पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा की ज़मानत पर अब 16 सितंबर को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट अब 16 सितंबर को करेगा जमानत याचिका पर सुनवाई

आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कहा-अगर हम मामले के गुण-दोष पर गौर करें

तो आपको कभी ज़मानत नहीं मिलेगी: SC

बस हम लंबी कैद के मुद्दे पर ही बात कर सकते हैं: SC

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने की टिप्पणी

टुटेजा की ओर से वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा—
अनवर ढेबर को छोड़कर सभी को ज़मानत मिल गई है,लेकिन मेरा मामला उनसे अलग और विशिष्ट है

अरोड़ा ने कहा कि –आज तक मेरे ख़िलाफ़ कोई मंज़ूरी नहीं मिली है ,गवाहों से छेड़छाड़ का कोई आरोप नहीं है,अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है

जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि इससे पता चलता है कि आप कितने साधन संपन्न हैं

अरोड़ा ने कहा कि– मैं जेल में हूं, मैं पहले एक IAS अधिकारी था, लेकिन मुझे सेवानिवृत्त हुए दो साल हो गए हैं

आज तक मुझसे कोई बरामदगी नहीं हुई है, 5 छापे पड़ चुके हैं

जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि अगर हम मामले के गुण-दोष पर गौर करें तो आपको कभी ज़मानत नहीं मिलेगी

बस हम लंबी कैद के मुद्दे पर ही बात कर सकते हैं

अरोड़ा ने कहा कि डिस्टिलर्स को आरोपी नहीं बनाया गया है,

एक्सरसाइज कमिश्नर, एक्साइज ऑफिसर्स को भी नहीं पकड़ा गया है

मैं पॉलिसी फ्रेमवर्क से जुड़ा हूं और 470 दिनों से इसमें हूं

जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हमने एक बात देखी है कि सारी आज़ादी सिर्फ़ ऐसे लोगों के लिए है

जितने ज़्यादा आरोप होंगे, उतने ही ज़्यादा आप जैसे लोग आकर बहस करेंगे

खैर, ये उनके वकीलों का विशेषाधिकार है, हम कुछ नहीं कह सकते

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।