ED Exclusive Breaking Details on Mahadev mobile Application and Dubai Connection:

महादेव सट्टा ऐप का मुख्य आरोपी सौरव चंद्राकर हुआ गिरफ्तार,छत्तीसगढ के कुछ बड़े पुलिस अधिकारियों में बेचैनी।

वरिष्ठ सूत्र ने की है इस खबर की पुष्टि।

करीब 6000 करोड़ रूपये का है ये सट्टा ऐप कारोबार का मामला

केंद्रीय जांच एजेंसी ED की पहल पर इंटरपोल ने की है ये कार्रवाई।

सौरभ चंद्राकर की दुबई पुलिस प्रशासन द्वारा हुई है गिरफ्तारी।

इंटरपोल द्वारा इस मामले की औपचारिक तौर पर जानकारी को सीबीआई और ईडी के साथ किया गया है साझा।

आरोपी सौरव चंद्राकर को जल्द से जल्द भारत लाने की होगी तमाम औपचारिक प्रयास।

महादेव सट्टा ऐप का कनेक्शन रहा है छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र से लेकर कई राज्यों में

पिछले काफी समय से आरोपी सौरभ चंद्राकर दुबई में रह रहा था, जिसे लेकर एजेंसी लगातार प्रयास कर रही थी।

सौरभ चंद्राकर के गिरफ़्तार होने से महादेव एप्प के बारे में और भी खुलासे होंगे खासकर छत्तीसगढ के कुछ बड़े पुलिस अधिकारियों की सांसें अभी से फूलनी शुरू हो गई हैं।

वहीं मुंबई में फिल्मी दुनिया के भी कुछ लोगों से ईडी ने इस मामले में पूछताछ पहले ही की है उन सबसे भी अब पूछताछ की संभावना फिर से बढ़ी है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।