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प्रवर्तन निदेशालय याने की ईडी छत्तीसगढ़ से लेकर नई दिल्ली के उच्चतम न्यायालय तक आज चर्चा में रही। जहां छत्तीसगढ़ में गरियाबंद जिले के पांडुका पहुंच चुकी है छत्तीसगढ़ शासन के चिप्स ऑफिस में प्रवेश कर चुकी है आदिम जाति कल्याण विभाग के बहुचर्चित अधिकारी के भिलाई स्थित बंगले में प्रवेश कर चुकी है इसका परिणाम क्या होगा यह हमें इंतजार करना होगा लेकिन।
बहुचर्चित छत्तीसगढ़ का नान घोटाले को लेकर ईडी उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली गई हुई है जिस पर सूत्रों के अनुसार आज उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच गरमागरम बहस होने की जानकारी निकलकर बाहर आ रही है और अब इसकी सुनवाई उच्चतम न्यायालय ने स्थगित करते हुए 20 अक्टूबर 2022 को 3:30 बजे इसकी पुनः सुनवाई प्रारंभ करेगी क्या न्यायालय 20 अक्टूबर को कोई आदेश पास कर सकती है ईडी ने इसकी सुनवाई छत्तीसगढ़ राज्य से किसी दूसरे राज्य में करने की मांग भी की है उच्चतम न्यायालय के आदेश का इंतजार है।

आज जो तीखी बहस हुई है उसमें ईडी की तरफ से एटार्नी जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छत्तीसगढ में इस बड़े मामले की सुनवाई में कई गवाह पलट गए और वो दवाब में हैं।

सूत्रों के अनुसार ईडी के पास ऐसी चैटिंग है जो इस मामले का रूख ही बदल सकती है।

इससे तय है कि अब छत्तीसगढ के दो वरिष्ठ आईएएस अनिल टुटेजा और डाॅक्टर आलोक शुक्ला की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है।

वहीं छत्तीसगढ सरकार की तरफ से और बचाव पक्ष से मुकुल रोहतगी और कपिल सिब्बल जैसे दिग्गज वकील की दलीलों से गरमा गरम बहस काफी देर तक चलती रही।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।