टी एस सिंहदेव से पहल ने आगमी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र खास बात की!
सिंहदेव लगातार अपने बयानों से छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला रहे हैं जिस पर कांग्रेस व भाजपा दोनों की नज़र है!

देखिए पूरा वीडियो :- नीचे दिए लिंक पर


अमरजीत भगत का पहला चुनाव ही मुश्किल था राहुल जी ने बोला कि आप ध्यान दीजिए इस तरह का संकेत दिया तो मैं स्वयं जाकर रुका जबकि तुम तो ठहरे परदेशी के गाने अमरजीत के बाहरी होने के कारण बज रहे थे!
ईडी की लगातार कार्यवाही पर बाबा ने कहा कि ” अभी तक यहाँ अधिकारी और अन्य लोग ही गिरफ्तार हुए हैँ कांग्रेस का कोई भी नहीं जबकि एक अधिकारी व एक अन्य को न्यायालय ने अंतरिम राहत दी है! यदि उनके पास प्रमाण हैँ तब तो गिरफ्तार कई लोग को कड़े कानून के कारण जमानत नहीं मिल पा रही है!कांग्रेस के लोग के विरुद्ध सबूत हैँ तो दिखाएँ! एकतरफा कार्यवाही से बचना चाहिए!
मैं भी तैयार हूं कब दरवाजे आ जाएं! हँसते हुए कहा साथ ही एकतरफा कार्यवाही की बात तो कही लेकिन कांग्रेस के किसी को गिरफ्तार नहीं किया ये बात कई अर्थ समेटे हुए हो सकती है!
राज्य के सबसे अमीर नेता सिंहदेव ने कहा इस बार कम खर्च करूंगा साफ है कि वो बहुत रूचि लेकर पिछली बार की तरह काम नहीं करेंगे और आने वाले समय में इंतज़ार कर ही अपने पत्ते खोलेंगे!

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।