डिप्टी सीएम सप्ताह में तीन दिन अपने गृहक्षेत्र अंबिकापुर में रहेंगे।

अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव.
चुनाव के मद्देनजर अपने विधानसभा सभा में ज्यादा समय देंगे डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव. सप्ताह के 4 दिन अंबिकापुर विधानसभा में सिंहदेव गुजारेंगे दिन और रात।
क्षेत्र की जनता से करेंगे मुलाकात।उपमुख्यमंत्री ने 3 दिन प्रदेश में समय देने की भी कही है बात।

प्रदेश के डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव को विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही चुनाव के समीकरण से चिंता भी है यही वजह है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सप्ताह के 4 दिन अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे साथ ही सप्ताह के 3 दिन प्रदेश के रायपुर में गुजारेंगे।माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में अधिक वक्त गुजारने के साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को बखूबी समझने की कोशिश करेंगे।जिससे कि आने वाले विधानसभा में उन्हें भारी बहुमत के साथ जीत मिल सके।उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव के इस दौरे का कितना असर जनता के बीच कितना पड़ेगा ये तो समय बताएगा।


हालाँकि अपनी सीट पर टी एस सिंहदेव लगातार 3 बार जीतकर हैट्रिक लगा चुके हैं और भाजपा यहाँ काफी कमजोर भी है। टी एस सिंहदेव के विरूद्ध अब तक कोई भी चेहरा भाजपा नहीं तलाश पाई है ये सिंहदेव के लिए प्लस प्वाइंट है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।