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दिल्ली के पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया ने तिहाड़ जेल में रहते हुए देश के लोगों के नाम पत्र लिखा है

इस पत्र में दिल्ली के अंदर स्कूल और शिक्षा से जुड़े मसले पर लिखा गया है पत्र।

मनीष सिसोदिया ने देश में जेल की राजनीति और आने वाले समय में शिक्षा की राजनीति पर अंतर बताकर आने वाले समय को शिक्षा की राजनीति वाला बताया है।

शिक्षा मंत्री रहते हुए दिल्ली में शिक्षा के लिए किए गए महत्वपूर्ण कामों को बताया है कि किस तरह स्कूल में शिक्षा का स्तर बढ़ाया।

मनीष सिसोदिया के द्वारा हाथ से लिखे गए पत्र का पहला पन्ना।शीर्षक दिया है ‘शिक्षा,राजनीति और जेल’
पत्र का दूसरा पन्ना
तीसरे पन्ने में मनीष सिसोदिया ने अपना नाम लिखकर हस्ताक्षर किया है।

इस पत्र में मनीष सिसोदिया ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी व मोदी सरकार को घेरा है कि किस तरह आवाज़ उठाने वालों को जेल भेजा जा रहा है।

अब देखना ये है कि ‘शिक्षा,राजनीति और जेल’ शीर्षक का ये पत्र भारत की राजनीति के लिए कितना कारगर हो पाता है या ये भी एक साधारण पत्र की तरह आई बात गई बात की तर्ज वाला साबित होता है?बहरहाल ये सब अब आने वाला समय ही बताएगा।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।