ननकीराम कंवर ने तो पत्र में ‘दलाल’ शब्द तक लिख दिया है।

पूर्व गृह एवं वन मंत्री ननकी राम कंवर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी एल संतोष प्रेषित किया पत्र अंदरखाने छत्तीसगढ बीजेपी में भूचाल लाने जैसा है।

2004 से 2018 तक भाजपा शासन काल में जो निगम/मंडल में/प्राधिकरण में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष रहे हैं उन्हें वर्तमान सरकार में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए ऐसा लिखकर ननकीराम कंवर ने बहुत स्पष्ट रूप में मोदी,शाह, बी एल संतोष और जेपी नड्डा को पत्र लिख डाला है।
उल्लेखनीय है कि कई पेशेवर लोग रायपुर समेत दिल्ली में भी नेताओं का पैर छूकर आशीर्वाद लेने का प्रयास कर रहे हैं जिससे अच्छे क्रीम माने जाने वाले निगम और मंडल में अपना स्थान तय कर सकें।
21 मार्च मुख्यमंत्री निवास….
22 मार्च प्रदेश भाजपा कार्यालय…
मे मैराथन बैठक हुई क्या इसमें निगम/मंडल/प्राधिकरण के नाम पर भी विचार किया गया जैसी की चर्चा है।
कई पेशेवर लोग मंत्रियों के, मुख्यमंत्री के और प्रदेश भाजपा कार्यालय में सक्रिय है उनको देखकर कार्यालय में ही है चर्चा है कि मेहनत करे मुर्गी और अंडा खाए फकीर।
पूर्व मंत्री के द्वारा प्रेषित चारों नेताओं के पत्र हम आपको दिखा रहे हैं।

इससे एक बात ये भी स्पष्ट है कि छत्तीसगढ में भाजपा के संगठन से भी कई लोग खुश नहीं हैं क्योंकि लगातार शिकायती पत्र ऊपर तक पहुँच रहे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।