NIA Investigation on PFI case Breaking:पीएफआई के लिए काम करने वाले कथित आरोपी पत्रकार के विरूद्ध एनआईए की छापेमारी। काफी समय से एनआईए के राडार पर था।

पत्रकार बनकर प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के लिए काम करने वाले आरोपी को एनआईए ने किया गिरफ्तार ।

केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA) ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से जुडे़ कनेक्शन मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मोहम्मद सादिक (Mohammed Sadik) नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है ,जो पत्रकार बनकर प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (working as a ‘reporter’ for the PFI in Kerala ) के लिए काम करता था । दरअसल पिछले काफ़ी समय से केन्द्रीय जांच एजेंसी एनआईए की टीम पीएफआई से संबंधित हर इनपुट्स को खंगालने में जुटी हुई है । इसी तफ्तीश के दौरान जांच एजेंसी के तफ्तिशकर्ताओं को ये इनपुट्स मिला की मोहम्मद सादिक नाम के एक शख़्स की भूमिका बेहद संदिग्ध लग रही है ,जो अपने आप को पत्रकार बताता है लेकिन वो पीएफआई से जुड़े लोगों और उससे संबंधित इनपुट्स को खंगालते रहता है । लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी पिछले काफ़ी समय से उसके खिलाफ तमाम सबूतों को इकट्ठा करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है ।

ये व्यक्ति केरल में था और सक्रिय होकर जेहाद के लिए युवाओं को जोड़ने के काम में लगा था। भारत के संविधान के विपरीत ये कट्टरवाद को बढ़ावा देने के काम में लगा था।इस पर कई संगीन आरोप हैं।बताया जा रहा है कि ये लगातार देशविरोधी कार्य को अंजाम देने के लिए अपना नेटवर्क तैयार करने के काम में लगातार लगा हुआ था।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।