आखिर भूपेश बघेल हर जगह कोल स्कैम के सरगना सूर्य कांत तिवारी के साथ क्यों दिखे सब तस्वीरें महज एक संयोग तो नहीं हो सकती!

छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के भ्र्ष्टाचार की काली        कारगुजारियाँ थमने का नाम नहीं ले रहीं!कोल स्कैम और शराब घोटाले में 17 जनवरी को ईडी ने छत्तीसगढ़ के EOW में कई संगीन धाराओं में एफ आई आर दर्ज कराई है!

ईडी के तेज तर्रार वकील डॉ सौरभ पाण्डेय ने ‘पहल’ से विशेष बातचीत में बताया कि” कोल स्कैम और शराब घोटाले को लेकर केंद्रीय जाँच एजेंसी ने सीधे यहाँ भूपेश सरकार के समय EOW को पत्र लिखा था और शिकायत कर FIR दर्ज के लिये लिखा था मगर यहाँ मियमों की परवाह न करते हुए तत्कालीन सरकार के समय EOW NE कोई कार्यवाही ही नहीं की ये अपने आप में एक अनोखा मामला है! 17 जनवरी को हमने यहाँ वर्तमान सरकार के समय फिर से इन दोनों अलग अलग मामले में कई धाराओं जिसमें

section 7,7 a ,12 bhrashtachar,420 and 120 B के तहत कोल स्कैम में . 35 और
eow/acb fir O4/2024 17 जनवरी को धारा 7,12,420 ,457,458,471. 120  के तहत 70 लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज़ की है!

इसमें हम तेजी से कार्यवाही लाने की एक और आवश्यक प्रक्रिया में आ गए हैं जिसके कारण बड़े घोटाले में लिप्त सफ़ेदपोशों पर कड़ी कार्यवाही हो और इस तरह का कृत्य करने वालों में कानून का भय हो!”

अब पूरे गोरख धंधे को भूपेश सरकार के समय सूर्या, सौम्या, समीर विश्नोई, रानू साहू समेत अरुण पति त्रिपाठी, अनबर ढेवर जैसे लोगों के नेतृत्व में एक सिण्डिकेट बनाकर योजना बद्ध तरीके से किया गया उससे जाँच करने वाले भी हैरान हैं!

सूत्रों के अनुसार सिविल लाइन रायपुर के सर्किट हॉउस में काफ़ी की चुस्कीयों के बीच चांडाल चैाकड़ी मिलकर यहीं से अपने दिन की शुरुआत करती थी!

अमरजीत भगत का एक खास कांग्रेस का नेता जो अंबिकापुर का रहने वाला हैं और कपड़े बदलने की तरह नेताओं को( कभी वी सी गुट का खास, फिर जोगी के करीबी लोगों के साथ इसके बाद भूपेश सरकार में एक पद पाने में कामयाब रहा )अपना सिरमौर बनाने में माहिर है वो भी सफारी सूट में सूर्या, सुनील अग्रवाल के साथ मौजूद रहकर इनकी दलाली में भरपूर मदद करता था साथ ही अपने स्तर पर छोटे बड़े घोटाले में लिप्त लोगों को अपने रायपुर के आवास में शरण देकर उन्हें पुलिस से बचाने का काम करता था!अब इसकी भी डिटेल खंगाली जा सकती है साथ ही कुछ और नाम भी जुड़ सकते हैं!

ये तय है कि अनिल टुटेजा और विवेक ढांड पर ईडी अपना शिकंजा कसने में कोई कमी नहीं रखेगी!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।