ED Breaking Details:

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED )ने छत्तीसगढ़ में कोयले पर कमीशन मामले में चार आरोपियों को गिरफ़्तार किया।

ईडी द्वारा विगत दिनों से लेकर कल तक गिरफ़्तार आरोपियों का नाम दीपेश टांक, संदीप नायक, शिव शंकर नाग और राजेश चौधरी है। सूत्रों के मुताबिक गिरफ़्तार आरोपी दीपेश सौम्या चौरसिया का करीबी है।

इसी मामले की तफ्तीश के दौरान ये भी जानकारी मिली की आरोपी राजेश चौधरी ने ED अधिकारी का फ़र्ज़ी एक पहचान पत्र यानी I-Card भी बना रखा था ।

ईडी की तफ्तीश में जैसे ही आरोपी राजेश चौधरी के फर्जी आई कार्ड को बनवाकर ईडी अधिकारी बनने की जानकारी मिली वैसे ही जांच हर एंगल से की जाने लगी।

सत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में कुछ बड़े नौकरशाहों समेत कुछ बड़े सफेदपोश भी ईडी के शिकंजे में बुरी तरह से फंसने वाले हैं।

यानि अब तक 9 लोग ईडी के द्वारा गिरफ़्तार किए जा चुके हैं जिसमें से किसी के भी जल्दी बाहर आने के आसार कम ही नज़र आ रहे हैं।

अभी हाल ही में पकड़े गए चारों आरोपियों जिसमें कल गिरफ़्तार हुआ राजेश चौधरी भी है इन सबकी 30 जनवरी तक की रिमांड ईडी को मिल चुकी है।

राजेश चौधरी कोयला व्यापारी सुनील अग्रवाल का खास है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।