बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के बस्तर ज़िला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष कमल जज्ज ने अपने पद और पार्टी से 27 जनवरी को त्यागपत्र दे दिया है। त्याग पत्र की कॉपी आप देख सकते हैं।
जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 जनवरी और 26 जनवरी को जगदलपुर में ही थे।और इनके वहां से निकलते ही इन्होंने इस्तीफा दे दिया।

कमल जज्ज एक मजबूत परिवार से हैं साथ ही आकाशवाणी में आकस्मिक उद्घोषक भी।
कमल जज्ज के द्वारा दिए गए त्यागपत्र की काॅपी।

‘पहल’से बातचीत करती हुईं कमल जज्ज ने कहा कि “कांग्रेस में मोनोपाली चल रही हो।लगातार उपेक्षा की जा रही है।टी एस सिंहदेव जी के कहने पर मैं कांग्रेस में आई।आकाशवाणी में आकस्मिक उद्घोषक भी रह चुकी हूं।कांग्रेस को लगता है कि वो सत्ता में है इसलिए उसे किसी की ज़रूरत नहीं।भविष्य की बात पर कहा कि अभी नहीं सोचा है पर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता तक नहीं रखना चाहती।”

बहरहाल देखना ये है कि कहीं अंदर ही अंदर सिंहदेव बनाम बघेल की जंग चुनावी वर्ष में क्या क्या समीकरण सामने लाएगी ये देखने के लिए वक़्त का इंतज़ार करना होगा।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।