NIA source Details :

PFI और SDPI से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तस्वीरों और वीडियो का हुआ है खुलासा।

पिछले कुछ दिनों पहले NIA की छापेमारी जब्त किया गया था PFI /SDPI से जुड़े कई साहित्य, पोस्टर ,तस्वीरों और वीडियो क्लिप को छापेमारी के दौरान जप्त किया गया था।इससे कई तथ्य जो सामने आ रहे हैं अब उसे लेकर एनआईए की जांच की दिशा आगे बढ़ रही है।

छापेमारी के दौरान जब्त की गई कई तस्वीरें और वीडियो है विवादास्पद।

दरअसल एनआईए व ईडी के विगत दिनों संयुक्त अभियान में पीएफआई के कई लोगों को एक साथ अलग अलग जगह से दबोचा गया था।इस दौरान कुछ वीडियो व तस्वीर भी अब एक नए विवाद को जन्म दे रहे हैं।

एसडीपीआई एक इस्लामिक युवा संगठन है जिसे पीएफआई का यूथ विंग कहा जाता है।

इस संगठन ने अचानक ही कई जगहों पर तेजी से अपनी पैठ बनाई ।दक्षिण भारत में भी ये बहुत सक्रिय है।कर्नाटक हिंसा में इसका नाम प्रमुखता से आया था,साथ ही कुछ विवादित गतिविधियों में भी।अब छापेमारी के बाद एक तस्वीर जो कि एक कार्यक्रम की है और इसमें तमिलनाडु पुलिस के भी कुछ लोग बकायदा वर्दी में शामिल हैं। इसे लेकर अब केंद्रीय एजेंसियां और भी अलर्ट होकर गहनता व सूक्ष्मता से जांच में लग गई हैं।

तमिलनाडु पुलिस SDPI के प्रोग्राम में शामिल

सूत्रों के मुताबिक ये प्रोग्राम देशभर में PFI/SDPI/CFI पर छापेमारी से कुछ दिन पहले किया गया था आयोजित।

एक सवाल – जिस संगठन को बैन करने की मांग देशभर में उठ रही है,क्या पुलिस को इनका असली चेहरा नहीं पता था ?

जांच एजेंसियों द्वारा तमिलनाडु से भी PFI/SDPI के 10 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया था।

सवाल ये भी है कि किसी राजनैतिक संगठन के मंच पर कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी शामिल नहीं हो सकता तो यहां एक साथ कुछ पुलिस वाले कैसे खड़े हैं और एक पुलिस वाला बकायदा किसी शपथ को लेते दिख रहा है।

बहरहाल तमिलनाडु सरकार को भी इस बात की पूरी जानकारी देकर कई तथ्यों को जुटाने की कवायद एजेंसियों ने शुरू कर दी है।

देखिए तस्वीर

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।