बैतूल में बोरवेल में गिरा बच्‍चा, 12 फीट ऊपर खींचने के बाद खुल गई रस्‍सी, सुरंग बनाने के लिए पथरीली जमीन से बढ़ी मुश्किल ।

बच्चे की उम्र को लेकर जानकारी स्पष्ट हुई है कि उसकी उम्र 8 वर्ष है।

कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने बताया कि तन्मय 35 से 40 फीट के बीच फंसा हुआ है। उस तक पहुंचने के लिए 40 फीट गहराई तक खोदाई की जाएगी और फिर सुरंग बनाकर उसे निकाला जाएगा।

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर विकासखंड में आने वाले ग्राम मांडवी में मंगलवार शाम करीब पांच बजे 8 साल का बच्चा खेत के बंद बोरवेल में गिर गया। आठनेर के कृष्णा गायकी ने बताया कि मांडवी के सुनील साहू का बालक खेत में खेल रहा था। इसी दौरान वह करीब 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। सूचना मिलने पर बैतूल और आठनेर से पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। यह बोरवेल तीन दिन पहले ही खोदा गया था। खेत में इस बोरवेल की गहराई करीब 400 फीट है।
कलेक्टर अमनवीर सिंह बैंस ने बताया कि बोरवेल में फंसे तन्मय को रस्सी के सहारे बाहर निकालने का प्रयास किया गया था। उसके हाथ में रस्सी बंध गई और उससे करीब 12 फीट उपर तक खींच लिया गया था लेकिन रस्सी खुल गई और वह वहीं पर अटक गया। अब तन्मय करीब 38 फीट गहराई पर अटका हुआ है। इसके बाद से उसके शरीर में हलचल नजर नहीं आई है। दूसरी ओर से भी गड्ढे की खोदाई शुरू की गई है।

तन्मय को भोजन पानी देना मुश्किल

बचाव अभियान में लगे अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को फंसे हुए सात घंटे से अधिक हो चुके हैं, खाना और पानी पहुंचाने में समस्या है, क्योंकि उसके हाथ ऊपर है। बोरवेल के पास पश्चिम दिशा की ओर से करीब 25 फीट तक खुदाई की जा चुकी है। इसके बाद कठोर चट्टान आने से काम धीमा हो गया। इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा पूर्व दिशा की ओर से भी खोदाई कर सुरंग बनाने का काम रात करीब 12 बजे से शुरू कर दिया है।

बोरवेल में गिरे आठ साल के तन्मय को बचाने के लिए 10 घंटे से खोदाई की जा रही है। बोरवेल के पास करीब 15 फीट गहराई के बाद पथरीली जमीन आ जाने से खोदाई में मुश्किल हो रही है। बुधवार सुबह छह बजे तक करीब 27 फीट तक खोदाई की जा चुकी है। कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने बताया कि तन्मय 35 से 40 फीट के बीच फंसा हुआ है। उस तक पहुंचने के लिए 40 फीट गहराई तक खोदाई की जाएगी और फिर सुरंग बनाकर उसे निकाला जाएगा। पथरीली जमीन होने से खोदाई में वक्त लग रहा है।

सीसीटीवी कैमरे से तन्मय पर प्रशासनिक अधिकारी नजर भी रखे हुए हैं। नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त श्रीमन शुक्ला एवं डीआईजी जगत सिंह राजपूत भी ग्राम मांडवी में मौका स्थल पर पहुंच गए हैं।

गांव के जूनावानी रोड पर नानक चौहान के खेत में पुराना बोरवेल का गड्ढा है। इस पर बोरा डालकर ढांक दिया गया था। मंगलवार को सुनील साहू और परिवार के लोग खेत में पूजा करने के लिए गए थे। इसी दौरान तन्मय खेलते हुए पुराने बोरवेल के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। परिजनों ने टार्च की रोशनी में उसे देखा तो उसके हाथ ऊपर की ओर हैं।

कक्षा तीसरी के छात्र तन्मय को बोरवेल से निकालने के लिए बुलडोजर से खोदाई शुरू की गई। एसडीईआरएफ की टीम द्वारा आक्सीजन पहुंचाई जा रही है। तन्मय बात कर रहा है। बोरवेल के करीब तीस फीट दूर से एक बुलडोजर की मदद से खोदाई शुरू की गई है। पोकलेन मशीन मंगाई गई है। बोरवेल में कैमरा डाला गया है। अंदर से बच्‍चा कहते हुए सुनाई दे रहा है कि डर लग रहा है। बच्‍चे को लगातार आक्‍सीजन भी दी जा रही है। बोरवेल के बाजू से गड्ढा खोदा जा रहा है।

बोरवेल में फंसे तन्मय को निकालने के लिए दो पोकलेन मशीन, तीन बुलडोजर से खोदाई की जा रही है। कैमरा डाला गया था जिसमें तन्मय का हाथ नजर आया है। वह बोल भी रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्‍चा 50 फीट गहराई में फंसा है। ग्रामीणों के अनुसार बच्‍चे की उम्र आठ वर्ष है और उसकी बोरवेल से आवाज बाहर सुनाई दे रही है। कुछ लोगों के अनुसार बच्‍चा 30 फीट की गहराई पर जाकर फंसा है।

युद्ध स्तर पर रेस्क्यू जारी है बोरवेल में फंसे बच्चे को बचाने के लिए।

मध्‍य प्रदेश में बोरवेल के संबंध में तमाम प्रशासनिक हिदायतों, सरकार के दिशा निर्देशों के बावजूद खेत पर बने बोरवेल अनेक कारणों से खुले छोड़ दिए जाते हैं। इससे अक्‍सर छोटे बच्‍चे हादसों का शिकार हो जाया करते हैं। कालांतर में ऐसी अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसा ही बैतूल जिले में हुआ।

By @dmin

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