पुलिस का पानी पुलिस पर।शरीर से दबंग भाजपाई ने पुलिस वाले को ही पीछे से पकड़ा और ऐसा पकड़ा कि छूट नहीं पाया।

आखिरकार जला ही दिया भूपेश बघेल का पुतला भाजपाईयों ने।पुलिस पानी लाई मगर उसी पानी से पुलिस को नहला दिया।

छत्तीसगढ में शराब घोटाले को लेकर घिरी भूपेश सरकार पर अब हर जगह भाजपाई चौतरफा हमला बोल रहे हैं। आज छत्तीसगढ के अंबिकापुर शहर में भाजपाईयों ने भूपेश बघेल एजाज ढेबर और आबकारी मंत्री कवासी लखमा के विरूद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए भूपेश बघेल का पुतला फूंक डाला।भाजपाई संख्या बल में अधिक थे इससे पुलिस असहाय नज़र आई और विरोध रोकने की खानापूर्ति करती दिखी।हालात ये कि पुलिस ने पानी को एक बड़े डिब्बे में लाकर जलते पुतले पर डालने की कोशिश की मगर एक पहलवाननुमा भाजपाई ने पुलिस से पानी छीनकर पुलिस पर ही डाल दिया साथ ही एक विशालकाय भाजपाई ने पुलिस वाले को ही गोद में उठा लिया।विरोध के दौरान जिसने भी ये दृश्य देखा वो अपनी हंसी नहीं रोक पाया।भाजपाई कांग्रेसियों का नारा कांग्रेसियों पर ही पलट कर जमकर नारे लगा रहे थे ‘भूपेश जब जब डरता है पुलिस को आगे करता है।’ अब देखना ये है कि गंगाजल की कसम खाकर शराबबंदी को अपने घोषणापत्र में शामिल कर चुकी कांग्रेस के लिए ये लंबा चौड़ा शराब घोटाला कहीं लंबी मुसीबत बनकर न आ जाए।अब भाजपाई हर जगह इसका दमदार विरोध करने का मन बना चुके हैं क्योंकि बैठे बैठाए एक बड़े घोटाले ने छत्तीसगढ की सुस्त भाजपा में अचानक से उत्साह का संचार कर दिया है।

विरोध प्रदर्शन में भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने भी दमदारी दिखाई और जमकर नारेबाजी की।
पुलिस का पानी पुलिस के ऊपर।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।