दल्ली राजहरा में सीएम के काफिले के सामने लगा दिए नारे।

छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस समय भेंट-मुलाकात कार्यक्रम कर रहे हैं।

इनका धुआंधार दौरा हर विधान सभा क्षेत्र में करने का कार्यक्रम बीती गर्मियों से ही शुरू हुआ था।

जनता से सीधे जुड़ाव,उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए ये कार्यक्रम उपयोगी भी रहा।

पर लगता है भाजपा अब पूरी तरह से सवा साल पहले ही छत्तीसगढ में चुनावी मोड पर आ चुकी है। इसलिए भाजपा अब कोई भी मौका चुके बगैर सरकार का विरोध प्रदर्शन करने में जी जान से जुट गई है।

सूत्रों के अनुसार कल सूबे के मुखिया को कुछ व्यवसायियों ने एक कार्यक्रम में बुलाया था मगर जो अंदरूनी ख़बर आई कि यहां भाजपा समर्थक भी रहेंगे ऐसे में मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई। ये कार्यक्रम अचानक आनन फानन में आयोजित करने की ख़बर प्रशासन को मिली थी।इस कारण कुछ व्यवसायी और नागरिक इससे खफ़ा हो गए।

जैसे ही रोड शो हुआ वहां कई लोगों ने जोरदार तरीके से मुख्यमंत्री के विरूद्ध जमकर नारेबाजी कर दी।

भाजपा के कार्यालय प्रभारी नरेश चंद्र गुप्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया तक दे डाली कि सरकार तानाशाही कर रही है।

वहीं इस मामले पर कांग्रेस की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भाजपा के कार्यालय प्रभारी नरेश चंद्र गुप्ता

बहरहाल राजनीति में आरोप प्रत्यारोप और विरोध ये सब इसके एक अंग हैं।लेकिन आने वाले दिनों में सरकार को आक्रामक होती भाजपा के तेवर पिछले कुछ दिनों से ज़मीन पर भी नज़र आने लगे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।