छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है! सारा देश राममय है और लोग तन मन धन से जन जन के आराध्य भगवान श्री राम के अयोध्या में बने मंदिर में विराजमान होने की ख़ुशी में लगे हुए हैं!जिसकी जो सामर्थ्य है वो प्रभु श्री राम के चरणों में अर्पित कर रहा है!

छत्तीसगढ़ में माँ महामाया की नगरी में डॉक्टर दम्पत्ति डॉ संजय त्रिपाठी और डॉ आराधना त्रिपाठी ने अनोखी पहल करते हुए 22 जनवरी को अपने हॉस्पिटल में निशुल्क सोनोग्राफी और ओ पी डी की सुविधा रखकर अपनी सेवा को भगवान के चरणों में समर्पित कर एक पुनीत कार्य किया है!

गौरतलब है कि डॉ संजय त्रिपाठी प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ हैँ और इनकी पत्नी डॉ आराधना त्रिपाठी प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं इन्होने कारगिल युद्ध के समय अपने अस्पताल में जब जाना कि वो डिलीवरी के जिस महिला का ऑपरेशन करने जा रही हैँ उनके पति कारगिल का युद्ध लड़ रहे हैं उसी समय तत्काल उन्होंने वीर जवान की पत्नी को हर तरह की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई और भरपूर सेवा की!

पहल के कार्यक्रम शख्शियत में डॉ संजय त्रिपाठी और डॉ आराधना त्रिपाठी का सम्मान शहर के प्रसिद्ध युवा डॉ दम्पत्ति डॉ अमित असाटी और डॉ श्रोती असाटी ने किया था!

ये गर्व की बात है कि पहल के पहले सम्मान समारोह में हमने ऐसे डॉ दम्पत्ति का सम्मान कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया था!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।