छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राजनीति के समीकरण दोनों दलों ने बनाने शुरू कर दिए हैं! पिछले चुनाव में जय वीरू की जोड़ी ने कमाल कर कांग्रेस को सत्ता दिलाने में सफलता प्राप्त की! ढाई साल के मुख्य्मंत्री को लेकर दोनों के बीच कटुता साफ साफ दिखी जो अभी तक दिख रही है!

टी एस सिंहदेव ने पहल को दिए इंटरव्यू में कई मामलों पर खुलकर बात की जिसमे सी एम न बन पाने की टीस उनके मन में अभी तक है लेकिन ये भी कह दिया कि पुश्त दर पुश्त जो इज़्ज़त मिली जिस परिवार से हूँ उसके सामने दो दिन का सी एम क्या मायने रखता है! राजपरिवार से हूँ ईश्वर की कृपा है ऐसे में सी एम तो आने जाने वाली बात है लेकिन जो सम्मान है वो तो पुश्तों से मिल रहा है!

साथ ही ये भी कहा कि जब तक मैं कांग्रेस में हूँ मेरा परिवार भी कांग्रेस में ही रहेगा कांग्रेस छोड़ दूँ तो फिर नहीं कह सकता मगर पहले भी कहा है कि कांग्रेस के विरोध में कभी नहीं जाऊंगा! 90 साल से परिवार कांग्रेस से जुड़ा है एक परिवार जैसा सम्बन्ध है!

गौरतलब है कि सिंहदेव के भतीजे आदितेश्वर सिंह देव ने भी अंबिकापुर से उम्मीदवार के लिए आवेदन दिया है जिस पर सिंहदेव ने लोकतंत्र में सबको आगे आने की बात कही लेकिन ये साफ हो गया है कि वो अपने भतीजे को भी राजनीति में बड़ी भूमिका में उतारने का मन बना चुके हैं!

बड़ा बयान ये भी दिया कि मैं विधायक बने रहने के लिए चुनाव नहीं लड़ रहा मंत्री मंडल में रहने के लिए लड़ रहा हूँ इस बात के अपने मायने हैं क्योंकि मंत्रिमंडल में तभी रह पाएंगे जब आपकी सरकार बने! बहरहाल कई बातों में संकेत छिपे हुए हैं जो वक़्त के साथ ही सामने आएंगे!ये तो तय है कि राजपरिवार के सिंहदेव की कई सीटों पर पकड़ है और उनका एक इशारा अभी भी सत्ता के समीकरण को बदल देने के लिए पर्याप्त है!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।